नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बेहद लोकप्रिय अपने प्रतिद्वंद्वी एवं ‘शॉटगन’ के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा को पटना साहिब सीट पर 2.84 लाख मतों के अंतर से शिकस्त दे दी. अभिनेता से नेता बने सिन्हा कभी भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार थे, लेकिन बाद में वह बागी हो गए. Also Read - लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर कल हाईकोर्ट में सुनवाई, क्या लालू होंगे रिहा?

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चार बार राज्यसभा सदस्य रहे प्रसाद ने कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे सिन्हा से मतों के बड़े अंतर से पटना साहिब लोकसभा सीट छीन ली. प्रसाद को 6.07 लाख वोट मिले, जबकि सिन्हा के खाते में केवल 3.22 लाख वोट ही जा पाए. प्रसाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकारों में विभिन्न मंत्री पदों पर रहे. अभी वह विधि एवं न्याय मंत्री हैं. वर्ष 2014 में मोदी के नेतृत्व में जब भाजपा की सरकार आई तो प्रसाद को शुरु में पहले संचार तथा इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय दिया गया. बाद में उनसे संचार मंत्रालय ले लिया गया. अभी वह राज्यसभा सदस्य और विधि एवं न्याय तथा इलेक्ट्रानिकी मंत्री हैं. Also Read - 'जेल से NDA के विधायकों को फोन पर मंत्री पद का लालच दे रहे हैं लालू यादव', सुशील मोदी ने शेयर किया मोबाइल नंबर

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2000 में पहली बार बने थे राज्यसभा सदस्य

वह वर्ष 2000 में पहली बार राज्यसभा सदस्य बने थे. प्रसाद एक उत्साही सोशल मीडिया यूजर भी हैं और टि्वटर पर उनके 32 लाख से अधिक फॉलोअर हैं. उन्होंने फर्जी खबरों, डेटा निजता जैसे मुद्दों पर फेसबुक तथा व्हाट्सअप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया. विगत में प्रसाद अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान कोयला एवं खान, विधि एवं न्याय तथा सूचना और प्रसारण मंत्री जैसे पदों पर भी रह चुके हैं.

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उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं प्रसाद

उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रसाद ने कई हाई प्रोफाइल मुकदमे लड़े हैं. बिहार में 1954 में जन्मे प्रसाद ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत 1970 के दशक में एक छात्र नेता के रूप में की थी. उस समय उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. (इनपुट एजेंसी)

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