पटना: बीजेपी के सीनियर नेता सी.पी. ठाकुर ने रविवार को यहां कहा कि दलितों की सिर्फ दो पीढ़ियों को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण दिया जाना चाहिए, और इसके बाद उन्हें आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. पूर्व केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा, “दलित आईएएस अधिकारी के बेटे को नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए.” ठाकुर इससे पहले आरक्षण को समाप्त करने के पक्ष में राय जाहिर कर चुके हैं. वह बार-बार गरीबों के लिए आरक्षण की मांग भी करते आए हैं. Also Read - झारखंड: सीएम की विधानसभा में घोषणा, प्राइवेट जॉब में स्थानीय लोगों को रिजर्वेशन और बेरोजगारों को मिलेगा 5 हजार भत्ता

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प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ ये दी गई थी दलील

बीते 23 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय को गुरुवार को बताया गया कि प्रोन्नति (प्रमोशन) में आरक्षण उचित नहीं है और यह संवैधानिक भी नहीं है. प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध करते हुए एक मामले प्रतिवादी की तरफ से वरिष्ठ वकील शांति भूषण और राजीव धवन ने यह दलील दी थी. मामला अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आरक्षण में प्रोन्नति प्रदान करने से जुड़ा है, जिसमें केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के 2006 के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया.

प्रमोशन में आरक्षण को लेकर घमासान, सरकार के आदेश के विरोध में चेतावनी दौड़

प्रतिवादी के वकीलों ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ से कहा कि संतुलन के बगैर आरक्षण नहीं हो सकता. उन्होंने कहा, “राज्य की जिम्मेदारी महज आरक्षण लागू करना नहीं है, बल्कि संतुलन बनाना भी है.” वर्ष 2006 के नागराज निर्णय की बुनियादी खासियत का जिक्र करते हुए धवन ने कहा कि क्रीमी लेयर समानता की कसौटी थी और समानता महज औपचारिक नहीं, बल्कि वास्तविक होनी चाहिए.

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सभी को आरक्षण चाहिए

राजस्थान: गुर्जर महासभा ने आरक्षण की मांग की

अखंड भारत गुर्जर महासभा ने गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति के तहत आरक्षण देने की मांग की है. महासभा का कहना है कि अपनी इस मांग को लेकर वह संसद के आगामी सत्र के दौरान दिल्ली में प्रदर्शन करेगी. संगठन की मांग है कि गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति में आरक्षण दिया जाए. प्रदेश में लगभग 60 लाख की आबादी वाले इस समुदाय को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. 2002 के बाद से केंद्र व राज्य में दोनों ही राजनीतिक दलों की सरकारें रह चुकी हैं लेकिन गुर्जर आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई है.

गुजरात : पाटीदार कोटा के लिए हार्दिक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

गुजरात में पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अपने फार्महाउस में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. इससे पहले गुजरात सरकार प्रदर्शन के लिए विभिन्न स्थानों की अनुमति देने से इंकार कर दिया था.

महाराष्ट्र: मराठा सुमदाय को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण देने की मांग

मराठा क्रांति मोर्चा और सकाल मराठा समाज ने मराठा सुमदाय को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण देने की मांग को लेकर राज्य में पिछले कई दिनों तक आंदोलन चलाया. ये काफी हिंसक भी रहा और आम लोगों से लेकर सरकार तक मुश्किल रही. आगजनी और सड़क बाधित करने की घटनाएं सामने आईं और प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई.

हरियाणा: आरक्षण लागू करने को लेकर जाट करेंगे प्रदर्शन

हरियाणा में जाटों ने सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण लागू की मांग और 2016 के आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लेने को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके मंत्रियों के सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की योजना बनाई है. एआईजेएएसएस के सदस्यों ने दावा किया कि खट्टर ने 45 मामलों को छोड़कर उन्हें जाट नेताओं के विरुद्ध दर्ज सभी मामले वापस लेने का आश्वासन दिया था. लेकिन बाद में सरकार अपने वादे से पीछे हट गई. समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाटों ने नौ जिलों- सोनीपत, रोहतक, हिसार, पानीपत, जींद, कैथल, दादरी, भिवानी और झज्जर में मुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान प्रदर्शन करने का फैसला किया है और बाद में इस प्रदर्शन का अन्य छह जिलों में विस्तार किया जाएगा.