पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने लद्दाख में चीन के साथ टकराव पर चर्चा के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने पर आपत्ति जतायी और कहा कि बिहार की “सबसे बड़ी” पार्टी की अनदेखी की गई. Also Read - भारत को मिला अमेरिका का समर्थन, माइक पॉम्पिओ बोले- चीन को भारत ने दिया सही जवाब

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने निराशा जताई कि संसद में पांच सदस्य होने और “बिहार में सबसे बड़ा दल” होने के बावजूद उनकी पार्टी की अनदेखी की गई. यादव ने कहा, “हम चाहते हैं (रक्षा मंत्री) राजनाथ सिंह जी स्पष्ट करें कि राजद को क्यों आमंत्रित नहीं किया गया है.” राजद के राज्यसभा में पांच सदस्य हैं लेकिन लोकसभा में उसका कोई सदस्य नहीं है. Also Read - पाकिस्तान ने कहा- कुलभूषण जाधव ने अपील दायर करने से मना किया, भारत ने दावे को बताया ‘स्वांग’

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने ट्वीट कर कहा कि पांच सदस्यों के तर्क का खुलासा हो गया. उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी, अपना दल, शिरोमणि अकाली दल, भाकपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस का उदाहरण दिया जिन्हें सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया गया है जबकि राजद की तुलना में उनके कम सांसद हैं. Also Read - Flood In Bihar: बिहार में बाढ़ की आशंका को लेकर अलर्ट, बचाव के लिए होगा ड्रोन का उपयोग

राजद शुरू से भाजपा की मुखर विरोधी पार्टी रही है. राजद प्रमुख लालू प्रसाद की सबसे बड़ी पुत्री और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती ने एक ट्वीट साझा किया, ‘‘”जो सवाल दागेंगे, साहब उससे भागेंगे.’’ उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘ अल्पदलीय खानापूर्ति और अल्पदलीय ढोंग.’’