नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आईआरसीटीसी घोटाले में दायर दो मुकदमों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद को गुरुवार को 19 जनवरी तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है. विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने रांची जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए प्रसाद को अंतरिम राहत दी.

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चारा घोटाला मामले में जेल में बंद लालू स्वास्थ्य कारणों से अदालत आने में सक्षम नहीं थे, इसलिए वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. अदालत ने सीबीआई और ईडी को निर्देश दिया कि वह दोनों मामलों में प्रसाद की जमानत याचिका पर अपना जवाब दें.यह मामला आईसीआरसीटीसी के दो होटलों की देखरेख का ठेका निजी फर्म को सौंपने में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है.

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मामला 2006 में रांची और पुरी में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के ठेके के आवंटन में कथित अनियमितताओं और इसका ठेका एक निजी कंपनी को देने से संबंधित है, जिसमें पटना जिले में तीन एकड़ की वाणिज्यिक जमीन को रिश्वत के तौर पर दिया गया.

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अगस्त में आरोपपत्र दाखिल किया था और आईआरसीटीसी होटल निविदा मामले में लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी, उनके पार्टी सहयोगी पी.सी. गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता, फर्म लारा प्रोजेक्ट्स और 10 अन्य को आरोपी बनाया था.इन सभी पर धनशोधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अप्रैल में 12 व्यक्तियों और दो कंपनियों के खिलाफ आईआरसीटीसी होटल के रखरखाव अनुबंध मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था.