पटना: दल्ली के आसपास कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में शनिवार को बिहार की राजधानी पटना में भी राजनीति देखने को मिली. किसानों के समर्थन में राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन सड़कों पर उतरा. राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को पटना के गांधी मैदान में नए कृषि कानूनों के खिलाफ में विरोध प्रदर्शन किया और धरने में बैठे. विरोध प्रदर्शन के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि वे किसानों की मांगों के साथ हैं. Also Read - Farmers Protest: दिल्ली पुलिस और किसानों के बीच बनी कंफ्यूजन की स्थिति, किसान बोले- ऐतिहासिक होगी ट्रैक्टर रैली

तेजस्वी यादव ने कहा कि धनदाता और अन्नदाता की लड़ाई में वे अन्नदाताओं के साथ खड़े हैं. राजद की ओर से शनिवार को पटना के गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के पास धरना कार्यक्रम का आयोजन किया जाना था. कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें बाहर निकालकर गांधी मैदान को सील कर दिया. इससे राजद के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए. जिला प्रशासन का कहना है कि गांधी मैदान धरना स्थल नहीं है. Also Read - Kisan Protest in Maharashtra: अब महाराष्ट्र में भी कृषि कानूनों के खिलाफ मुखर हुए किसान, 15000 किसानों ने निकाला नाशिक-मुंबई 'वाहन मार्च'

आक्रोशित राजद कार्यकर्ता गांधी मैदान के गेट नंबर 4 के पास धरने पर बैठ गए. बाद में जिला प्रशासन ने गांधी मैदान का छोटा गेट खोल दिया. इसके बाद तेजस्वी यादव सहित कई राजद नेता और कार्यकर्ता गांधी मूर्ति के पास पहुंचे और किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए अपना संकल्प पत्र पढ़ा.

राजद नेता तेजस्वी यादव ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या किसानों के समर्थन में आवाज उठाना, उनकी आय दुगुनी करने के लिए नए कानूनों में अनिवार्य रूप से एमएसपी की मांग करना, खेत-खलिहान को बचाने की लड़ाई करना क्या अपराध है? तेजस्वी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर अपराध है तो हम यह अपराध बार-बार करेंगे.” उन्होंने सरकार से कहा कि आंदोलनरत किसानों की सभी मांगें पूरी की जाएं.

इससे पहले, तेजस्वी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, “गोडसे को पूजने वाले लोग पटना पधारे हैं, उनके स्वागत में अनुकंपाई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में गांधी मूर्ति को कैद कर लिया, ताकि गांधी को मानने वाले लोग किसानों के समर्थन में गांधी जी के समक्ष संकल्प ना ले सकें. नीतीश जी, वहां पहुंच रहा हूं. रोक सकें तो रोक लीजिए.”