पटना। बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को छठा भारत प्रक्षेत्र राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन शुरू हो गया. इस सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने दीप प्रज्जवलित कर किया. सम्मेलन के शुरू होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं ने ‘भ्रष्टाचार’ की चर्चा आने के बाद हंगामा शुरू कर दिया. जिस वक्त हंगामा शुरू हुआ, उस समय बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी लोगों को संबोधित कर रहे थे. Also Read - Bihar Assembly Elections 2020: बिहार चुनाव में कैसे वोट डालेंगे कोरोना के मरीज? निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला

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इस सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. पटना के ज्ञानभवन में आयोजित इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित हैं. सम्मेलन में सुशील मोदी ने भ्रष्टाचार की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है. आज देश के चार पूर्व मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद हैं. Also Read - बिहार चुनाव से पहले पुलिस मुख्यालय का अजीबोगरीब फरमान जारी, मचा सियासी बवाल

इसके बाद सम्मेलन में मौजूद राजद के विधायकों और विधानपार्षदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कहा कि यह सम्मेलन है, बिहार विधानसभा की कार्यवाही नहीं चल रही है. उन्हें सम्मेलन पसंद नहीं तो वे चले जाएं. इसके बाद भी राजद विधायक हंगामा करते रहे. वे बाद में सम्मेलन छोड़कर बाहर निकल गए.

राजद नेता शक्ति यादव ने कहा कि सुशील मोदी पीएनबी घोटाला में शामिल नीरव मोदी का नाम क्यों नहीं ले रहे हैं. राजद का कहना है कि उनके नेता का नाम जानबूझकर उछाला जा रहा है.

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दो दिवसीय सम्मेलन में ‘विकास एजेंडा में संसद की भूमिका’ और ‘विधायिका और न्यायपालिका-लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तम्भ’ विषयों पर चर्चा होगी.