नई दिल्‍ली: बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले सियासत गर्माने लगी है. एक ओर जहां बीजेपी के सीनियर नेता अमित शाह की आज शाम 4 बजे बिहार में वर्चुअल रैली है, वहीं, राज्‍य की मुख्‍य विपक्षी पार्टी आरजेडी इस रैली के विरोध में उतर आई है. आरजेडी नेता व पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी, उनके दोनों बेटे तेजस्‍वी यादव और तेज प्रताप और पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पटना में थाली बजाते हुए बीजेपी नेता अमित शाह की ऑनलाइन रैली का विरोध किया. Also Read - कोविड-19 महामारी के बीच भारतीय फुटबॉलर की पत्नी कर रही हैं वो काम जिसे दुनिया कर रही सलाम!

आरजेडी नेताओं ने यह विरोध रैली प्रवासी मजदूरों के मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया. Also Read - CBSE के छात्रों को मिल सकती है राहत, परीक्षा के सिलेबस में हो सकती है कटौती

आरजेडी ने पटना में विभिन्न स्थानों पर 7 जून 2020 (आज) को ‘श्रद्धांजलि दिवस’ के रूप में मनाए वाले पोस्टर लगाए हैं. पोस्टर में वर्चुअल से एक्‍चुअल मुद्दों का एनकाउंटर ’लिखा गया है.

बता दें कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के 30 वर्षीय पुत्र तेजस्वी को पार्टी ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है.

बिहार में अमित शाह की डिजिटल रैली से भाजपा के चुनावी बिगुल बजाने के एक दिन पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा था कि देश में कोरोना वायरस संकट के समय चुनाव अभियान चलाना राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही लोगों की जान जाए लेकिन भगवा पार्टी की दिलचस्पी केवल चुनावी जीत में है.


बता दें कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रवासियों को लेकर एक विवादास्पद सर्कुलर पर शनिवार को भी नीतीश कुमार सरकार पर हमला किया था जिसके बाद जद (यू) ने भी पलटवार किया. हालांकि, पुलिस मुख्यालय ने सर्कुलर वापस ले लिया था.

यादव ने यहां राजद के प्रदेश मुख्यालय के सामने एक बड़ा बैनर लगाया था, जिस पर 29 मई को जारी सर्कुलर की बड़ी तस्वीर छपी है. हालांकि, चार जून को इस परिपत्र को वापस ले लिया गया, जिसमें जिलों को लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासियों के आने से ‘कानून व्यवस्था की समस्या को लेकर आशंकाओं’ के प्रति सतर्क रहने को कहा गया था. इसी पोस्टर पर सर्कुलर के स्क्रीनशॉट के साथ ही लिखा है ‘‘नीतीश कुमार को जवाब देना होगा.”