नई दिल्ली: राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने महागठबंधन की सरकार गिरने के तकरीबन सात महीने बाद सरकारी बंगला खाली कर दिया है. तेज प्रताप ने तीन एकड़ में फैले बंगले को खाली करने के पीछे अजीबोगरीब तर्क दिए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने हमारे सरकारी बंगले में भूतों को छोड़ दिया है, जिसकी वजह से मैंने सरकारी बंगला खाली कर दिया है. Also Read - 90 लाख खर्च कर इन 3 गे पुरुषों ने पैदा किए 2 बच्चे, ऐसा है कई पिता वाला इतिहास का पहला परिवार

उनके इस बयान पर जदयू ने पलटवार करते हुए कहा है कि हमें क्या जरूरत है नरपिशाचों के ऊपर भूत-पिशाच छोड़ने की. बड़ी मुश्किल से तो सबको इतने बड़े भूत से पीछा छूटा है. अब वापस भूत के पास सटना नहीं चाहते हैं. तेजप्रताप जी, आप मस्त रहिए और भोले बाबा की भक्ति कीजिए. इसके साथ-साथ भूत-पिशाच भी नचाते रहिए. इसी में आप बिहार को आगे बढ़ायेंगे. Also Read - एंडरसन की बॉल पर पंत का रिवर्स स्वीप, जो रूट बोले- '600 विकेट ले चुके गेंदबाज के साथ ऐसा करना...'

बता दें कि पूर्ववर्ती सरकार में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बनने के बाद उन्‍हें पटना के 3-देशरत्‍न मार्ग पर बंगला आवंटित किया गया था. जदयू-राजद-कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के बाद अधिकारियों ने तेज प्रताप को पिछले साल जुलाई में बंगला खाली करने को कहा था, ताकि उसे दूसरे मंत्रियों को आवंटित किया जा सके. इसके बावजूद वह अब तक इसी बंगले में रह रहे थे. राज्‍य सरकार द्वारा बंगला खाली करने के आग्रह पर पूर्व मंत्री ने कहा, क्‍या वे सरकार हैं? जनता असली सरकार होती है. वैसे भी मुझे सरकार की भीख नहीं चाहिए…मेरे पास पहले से ही एक घर है. Also Read - पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम के बड़े भाई मोहम्मद मुथु मीरा का 104 साल की उम्र में निधन, रामेश्वरम में ली अंतिम सांस