नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार को पटना पहुंचते ही एक बार फिर राज्य का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. संघ प्रमुख के दौरे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. मोहन भागवत पटना से आज ही शाम में सीधे केंद्रीय मंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह के क्षेत्र नवादा जाएंगे. वहां वे संघ शिक्षा वर्ग कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. अपने तीन दिवसीय नवादा प्रवास के बाद वे 25 मई को बिहार से रवाना होंगे. दरअसल, संघ प्रमुख के नवादा की यात्रा करने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. इससे पहले इस साल की शुरुआत में संघ प्रमुख ने बिहार का दौरा किया था. इसके बाद ही प्रदेश के कई जिलों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई थीं. नवादा में ही बीते मार्च में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. साथ ही सात अन्‍य जिलों में भी ऐसी घटनाएं हुई थीं. लिहाजा मोहन भागवत की यात्रा से पहले एक बार फिर बिहार की सियासत का पारा चढ़ने लगा है. Also Read - Covid-19 in Bihar Update: प्रवासियों ने बिहार में तेजी से बढ़ाई संक्रमितों की संख्या, 163 नए मामले

राजद ने भागवत के दौरे पर साधा निशाना
संघ प्रमुख मोहन भागवत के बिहार दौरे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सत्ता पक्ष पर जोरदार निशाना साधा है. राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आखिर कैसी मजबूरी है कि नीतीश कुमार अपने राजनीति के सिद्धांतों को तिलांजलि दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी व अमित शाह के नेतृत्व में सांप्रदायिक राजनीति हो रही है, जिसका समर्थन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं. नीतीश कुमार ने अपनी विचारधारा को त्याग दिया है.’ तिवारी ने सीएम नीतीश कुमार और भाजपा पर हमला करते हुए कहा, ‘इस साल के शुरू में संघ प्रमुख दस दिन के दौरे पर बिहार आए थे. उनके दौरे के कुछ ही दिन बाद रामनवमी के दौरान भागलपुर, गया, औरंगाबाद और समस्तीपुर में दंगा भड़क गया था. अब अगर नीतीश कुमार उन्हें रोक नहीं सकते तो उनकी गतिविधियों की निगरानी तो कर सकते हैं.’ शिवानंद तिवारी के अलावा राजद के एक अन्य नेता ने भी संघ प्रमुख के दौरे को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला किया है. राजद विधायक एज्या यादव ने कहा कि मोहन भागवत पिछली बार की ही तरह तनाव फैलाने बिहार आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार उनके आगमन के बाद रामनवमी में खुलेआम तलवार बांटी गई थीं और बिहार में कई स्थानों पर सांप्रदायिक दंगे हुए थे. इस बार वह क्या करेंगे? Also Read - बिहार सरकार का ऐलान- कोविड-19 से जान गंवाने वाले 13 लोगों को मिलेंगे चार-चार लाख रुपए

भाजपा और जदयू ने किया पलटवार
इधर, संघ प्रमुख के दौरे पर राजद नेताओं के बयान आने के बाद भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘आरएसएस देश की सांस्कृतिक धरोहर है. आरएसएस पर किसी को अंगुली उठाने का नैतिक बल नहीं है.’ वहीं, जद (यू) प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, ‘राजद के लोगों को कोई काम नहीं है, इसलिए ऐसी बेकार की बातें करते हैं. भारत में कोई कहीं भी आने-जाने को स्वतंत्र है. भागवत पहली बार बिहार नहीं आ रहे.’ उन्होंने कहा कि राजद तुष्टिकरण की राजनीति करता है, परंतु जिसके लिए करता है, उसे ही वह घर में स्थान नहीं देता. पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी राजद नेताओं के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ‘सीएम नीतीश कुमार अपना काम जानते हैं. वह समाज में शांति कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. राजद को हमें इस मुद्दे पर भाषण देने की जरूरत नहीं है. सभी संगठनों के लोग बिहार आने के लिए मुक्त हैं, बशर्ते वे शांति व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश नहीं करें.’ Also Read - सावधान! दिल्ली-मुंबई से बिहार लौट रहे कई श्रमिक कोरोना पॉजिटिव, बंगाल-UP का भी बुरा हाल

बिहार की राजधानी पटना में बने सभ्यता द्वार का सीएम नीतीश कुमार ने किया है लोकार्पण. (फोटोः टि्वटर)

बिहार की राजधानी पटना में बने सभ्यता द्वार का सीएम नीतीश कुमार ने किया है लोकार्पण. (फोटोः टि्वटर)

 

बिहार के लोगों को सीएम नीतीश कुमार ने ‘सभ्यता द्वार’ समर्पित किया
संघ प्रमुख मोहन भागवत के दौरे से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना में बने नए ‘सभ्यता द्वार’ को लोकार्पित किया. गंगा नदी के किनारे बने इस सभ्यता द्वार का लोकार्पण करते हुए सीएम ने बिहार के समृद्ध इतिहास को याद किया. सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में सभ्यता द्वार का उद्घाटन करते हुए सीएम ने कहा कि समृद्ध इतिहास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है. बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है. हम इसकी बदौलत ही सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली के ‘इंडिया गेट’ और मुंबई के ‘गेटवे ऑफ इंडिया’ की तर्ज पर बिहार का ‘सभ्यता द्वार’ देश-दुनिया के लोगों का ध्यान खींचेगा. सीएम नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कन्वेंशन सेंटर में सम्राट अशोक की धम्म की प्रतीक मूर्ति सहित अशोक स्तंभ का भी लोकार्पण किया. इस कार्यक्रम में बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी शामिल हुए.

(इनपुट – एजेंसी)