RT-PCR Scam in Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर RT-PCR टेस्टिंग के नाम पर घोटाले का आरोप लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने आरटीपीसीआर टेस्टिंग के लिए एक ऐसी कंपनी को ठेका दिया जो ब्लैलसिस्टेड है. कंपनी का नाम पीओसिटी सर्विसेज है, जो लखनऊ की है और महाराष्ट्र में ब्लैकलिस्टेड है. उद्धव ठाकरे सरकार ने सितंबर, 2020 में आरटीपीसीआर किट सप्लाई के मामले में इसे तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था.Also Read - Bihar News: जनसंख्या नियंत्रण किसके जिम्मे? बिहार के सीएम नीतीश ने दिया बयान, डिप्टी सीएम रेणु देवी का पलटवार, जानिए

रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार सरकार ने इसी कंपनी को आरटीपीसीआर टेस्टिंग के लिए मोबाइल वैन चलाने का ठेका दिया है. कंपनी को पटना, भागलपुर, बिहारशरीफ, गया और मुजफ्फरपुर में पांच मोबाइल चलाने के लिए हॉस्पिटलों से जोड़ा गया. इसमें हर आरटीपीसीआर वैन को प्रतिदिन एक हजार टेस्टिंग करनी होती है. Also Read - Bihar Unlock 4.0: सीएम नीतीश का बड़ा ऐलान-शर्तों के साथ राज्य में खोले जाएंगे स्कूल-कॉलेज, जानिए और क्या मिली है छूट...

एक दैनिक हिंदी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इसके लिए कंपनी को 29.20 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया. मगर विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्टिंग की व्यवस्था के लिए प्रति वैन में सिर्फ दो करोड़ का खर्च आएगा और दस करोड़ में टेस्टिंग के लिए पांच आरटीपीसीआर वैन तैयार हो जाएंगी. इसी तरह सरकार को दो से ढाई सौ रुपए में मिलने वाली जांच किट को जोड़ तो करीब दस करोड़ रुपए का खर्च बैठता है. इस तरह ऐसे पूरे सेटअप के लिए 20 करोड़ का खर्च आएगा और तीन महीने में करीब चार लाख आरटीपीसीआर जांच भी हो जाएगी. Also Read - Bihar Unlock-4.0 : बिहार में 7 जुलाई से लागू होगा अनलॉक-4, खुल जाएंगे स्कूल, जानिए क्या-क्या मिल सकती है छूट

दूसरी तरफ इन मोबाइल वैन के काम से संतुष्ट नहीं होने पर भागलपुर के एक सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में सैकड़ों जांच पेडिंग हैं. कंपनी के लोग जांच कर रहे हैं और मगर रिपोर्टिंग नहीं कर रहे हैं. इस बीच कांग्रेस ने भी सीएम नीतीश कुमार सरकार को निशाने पर ले लिया.

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज बुधवार को ट्वीट कर कहा कि नीतीश सरकार का महाघोटाला, यही तो आपदा में खुली लूट है. कोरोना में घोटालों के कीर्तिमान स्थापित करने वाले जेडीयू-भाजपा के कुशासन ने इस महामारी की जांच करने वाली RTPCR में भी लूट कर ली. डबल इंजन सरकार, मतलब घोटालों की भरमार.