Sarkari Naukri In Bihar 2021: बिहार सरकार की नीतीश कुमार सरकार ने भूमि सुधार और राजस्व विभाग में मार्च में 3800 राजस्व कर्मचारियों की बहाली करने का ऐलान किया है. विभाग के मंत्री रामसूरत राय ने कहा है कि इसके लिए बहाली प्रक्रिया तेजी से चल रही है. विभाग में नियुक्त किए जाने वाले सभी कर्मचारी तकनीकी रूप से दक्ष होंगे. ट्रेनिंग के बाद ही उनको नौकरी की जिम्मेवारी दी जायेगी.Also Read - BPSSC SI Exam Admit Card: बिहार पुलिस सब इंस्पेक्टर परीक्षा का एडमिट कार्ड हुआ जारी, ऐसे करें डाउनलोड

प्रदेश के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 3883 स्थायी पदों पर नियुक्ति होगी. इनमें सबसे अधिक 3738 पद डाटा इंट्री ऑपरेटर, ग्रेड ए के होंगे. 139 पद डाटा इंट्री ऑपरेटर, ग्रेड सी के पद होंगे. इनकी तैनाती जिला, अनुमंडल और अंचलों में की जाएगी. Also Read - बिहार में पंचायत चुनाव के बाद होगी 1.25 लाख शिक्षकों की भर्ती, state.bihar.gov.in पर नजर बनाए रखें

गौरतलब हो कि दाखिल-खारिज समेत अन्य कार्य को ऑनलाइन किया गया है और इसके लिए अधिक कर्मियों की जरूरत महसूस की जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. Also Read - Para Medical Recruitment Bihar 2021: 10वीं और 12वीं पास लोगों के लिए सरकारी नौकरी का अवसर, पारामेडिकल की निकली भर्ती

सोमवार को मुजफ्फरपुर के एमआइटी सभागार में भूमि सुधार की प्रमंडलीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए राजस्व और भूमि सुधार मंत्री ने भी यह जानकारी दी. उन्होंने माना कि विभाग में संसाधन की काफी कमी है. मैनपावर के साथ दक्ष कर्मी नहीं हैं. इस वजह से दाखिल-खारिज समेत अन्य भूमि संबंधी काम की गति धीमी है.

ऑनलाइन दाखिल-खारिज के दौरान आवेदन रिजेक्ट कर देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायत मिल रही है. इसमें सुधार के लिए डीएम व एडीएम स्तर के अधिकारी को खुद रिजेक्टेड आवेदन की जांच करने को कहा गया है. बेवजह आवेदन रिजेक्ट करने वाले कर्मियों व पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

जमीन का निबंधन व जमाबंदी कैथी भाषा में होने से कंप्यूटर में डिजिटल इंट्री करने में आ रही परेशानी के सवाल पर कहा कि इसके लिए एक्सपर्ट रखने का निर्णय लिया गया है. इससे पहले मंत्री ने मुजफ्फरपुर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, वैशाली व शिवहर जिले के भूमि संबंधित मामलों की समीक्षा की. इसमें भूमि विवाद, दखल देहानी, राजस्व की समीक्षा, दाखिल-खारिज, ऑनलाइन म्यूटेशन आदि शामिल थे.