School Reopen Laltest Update: कोरोना महामारी के कारण मार्च 2020 में बंद हुए स्कूलों को अब फिर से खोला जा रहा है. कई राज्यों ने गाइडलाइन के तहत स्कूलों को खोलने का ऐलान कर दिया है तो वहीं कुछ राज्यों ने वैक्सीन के आने तक स्कूल बंद रखने का फैसला किया है. जहां झारखंड (jharkhand) में कोरोना संकट के बीच दिसंबर में ही स्कूल (School Reopen) खोल दिये गये थे. वहीं बिहार (bihar) में चार जनवरी से स्कूल फिर से खुल रहे हैं.Also Read - Delhi School Reopen: कोव‍िड के बढ़ते मामलों के बीच 1 जुलाई से खुल जाएंगे दिल्‍ली के स्‍कूल, पढ़ें पूरी डिटेल

नए साल के पहले दिन कर्नाटक और केरल में, स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई फिर से शुरू हो गई, जबकि असम में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए स्कूल खुल गए. Also Read - School Reopen: उत्तर प्रदेश और बिहार में आज से खुलेंगे स्कूल-कॉलेज, दिल्ली में भी 9वीं से 12वीं तक की क्लासेज चलेंगी

नए साल के पहले दिन यानी शुक्रवार को कर्नाटक, केरल और असम में लगभग दस महीनों के बाद इन राज्यों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्कूलों को फिर से खोलने का काम किया गया है. वैसे पहले दिन बच्चों की उपस्थित कम रही लेकिन बच्चों का कहना था कि स्कूल आकर अच्छा लग रहा है. कुछ बच्चों का कहना था कि ऑनलाइन क्लासेज ठीक थीं लेकिन स्कूल आकर अब पढ़ाई पहले की तरह नियमित हो सकेगी. Also Read - Delhi Reopen: DDMA के बैठक में लिया गया अहम फैसला, दिल्ली में खुलेंगे स्कूल, कॉलेजे और जिम,

कर्नाटक में  विद्यालयों और प्री यूनिवर्सिटी कॉलेजों (पीयूसी) को कोविड-19 संबंधी सुरक्षा नियमों के साथ विद्यार्थियों के लिए खोला गया. दसवीं और 12वीं (प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज) के विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार से कक्षाएं शुरू हो गईं. इन दोनों ही कक्षाओं के विद्यार्थी बोर्ड की परीक्षा देंगे.

बच्चों को स्कूल भेजने से पहले जान लें दिशा-निर्देश…

केंद्र सरकार ने परामर्श जारी किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में केवल 50 प्रतिशत छात्रों को ही अनुमति दी जाए.

छात्रों की उपस्थिति भी अनिवार्य नहीं है और वे ऑनलाइन कक्षा को जारी रखने का विकल्प चुन सकते हैं.

छात्र अपने माता-पिता से सहमति पत्र के साथ स्कूल पहुंचेगे.

स्कूलों में मास्क पहनना, थर्मल स्क्रीनिंग, हाथ धोना और शारीरिक दूरी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है.

कक्षाओं के भीतर विद्यार्थी सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए बैठेंगे.

बता दें कि देश भर के विश्वविद्यालयों और स्कूलों को मार्च के मध्य में बंद कर दिया गया था, जब केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के उपायों के तहत देशभर में शिक्षण संस्थान बंद करने की घोषणा की थी. उसके बाद, 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया गया. सरकार ने 8 जून से ‘अनलॉक’ के तहत धीरे-धीरे प्रतिबंधों को कम करना शुरू कर दिया.

महामारी के बीच विद्यालयों एवं पीयूसी को खोलने को लेकर राज्य में कुछ विरोध भी है जबकि शिक्षा मंत्री समेत कई और लोगों का विचार है कि सुरक्षा कदमों के साथ विद्यालयों और कॉलेजों का खोला जाना खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में जरूरी हो गया था क्योंकि ऑनलाइन शिक्षा ज्यादातर नदारद है जिससे उनके मजदूरी करने के मामले भी सामने आए हैं.

पश्चिम बंगाल में स्कूल अभी बंद रहेंगे. शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने यह जानकारी दी और कहा कि माध्यमिक (10वीं बोर्ड) और उच्च माध्यमिक (12वीं बोर्ड) की परीक्षाएं जून में आयोजित की जायेंगी.

वहीं दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने वैक्सीन के आने तक स्कूलों को बंद रखने की बात कही है.