पूर्णिया/पटना: बिहार के पूर्णिया जिले में चार अक्टूबर को दलित नेता शक्ति मल्लिक की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने सात अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए बुधवार को खुलासा किया कि इस मामले में राजद नेताओं के खिलाफ के कोई साक्ष्य नहीं मिला है. पूर्णिया जिला के केहाट थाना क्षेत्र में इन दलित नेता की हत्या मामले में उनकी पत्नी खुशबू देवी के बयान पर पुलिस ने चार अक्टूबर को राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके बडे भाई तेजप्रताप यादव सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा ने बताया कि इस मामले में सात अपराधियों को पांच देसी कट्टा समेत अन्य सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के क्रम में राजद नेताओं के खिलाफ किसी भी तरह का कोई साक्ष्य नहीं मिला है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020 : चिराग पासवान बोले- अगर लोजपा सत्ता में आती है तो नीतीश कुमार सलाखों के पीछे होंगे

विशाल ने बताया कि शक्ति मल्लिक ब्याज पर रुपया लगाने का काम करता था और समय पर रुपया नहीं लौटाने वाले का भयादोहन और उनके साथ दुर्व्यवहार भी करता था जिससे परेशान होकर कुछ लोगों ने एक गिरोह बनाकर उनकी हत्या कर दी थी. इस बीच तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इसको लेकर उनकी पार्टी जदयू के नेताओं की अपने खिलाफ की गयी टिप्पणियों को ओछी और आधारहीन बताया तथा इस मामले की सीबीआई से अविलंब जाँच कराने की अनुशंसा करने की मांग की है. Also Read - Bihar Election 2020: मतदान से पहले प्रत्याशी और समर्थक को गोलियों से भूना, एक आरोपी की पीट पीटकर हत्या

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है, ‘ जैसा कि आपको विदित है कि कुछ दिन पहले पूर्णिया जिले के एक सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता की जघन्य हत्या की गयी. अत्यधिक व्यस्तता की वजह से मुझे थोड़ी देर से तमाम मामले की जानकारी प्राप्त हुई. फिर हमने यह भी देखा कि एक प्रेरित एफआईआर जिसमें मुझे और मेरे बड़े भाई को नामजद करने के बाद आपके मीडिया-प्रबंधन के कौशल की कहानियाँ सामने आने लगी. दिन-रात आपके प्रवक्ताओं/नेताओं की ओछी और आधारहीन टिप्पणियों के बावजूद मेरा मानना है कि कानून अपना काम करे, त्वरित अनुसंधान हो और जैसा आपके शासन की प्रवृति रही है, सत्ता शीर्ष पर बैठे आला लोग इसे प्रभावित करने की कोशिश करने के लिए भी स्वतंत्र है.’ उन्होंने पत्र में उनसे कहा, ‘आपके अपने ही लोग कई बार आपके अधीन काम कर रही बिहार पुलिस की साख और काबिलियत पर प्रश्न-चिन्ह उठा चुके हैं. पीड़ित परिवार को यथाशीघ्र न्याय मिले और दूध का दूध और पानी का पानी हो, इस मंशा के साथ मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि इस मामले की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की किसी भी एजेंसी से अविलंब जाँच कराने की अनुशंसा की जाए.’ Also Read - Bihar Polls: औवैसी का दावा- PM मोदी बिहार में BJP विधायक को बनाना चाहते हैं मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार को...

तेजस्वी ने नीतीश से कहा, ‘ गृहमंत्री के नाते अगर आप चाहे तो नामांकन पूर्व हमें गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए बुला सकते है. आशा है आप इस पर त्वरित विचार करते हुए अनुसंधान की जिम्मेवारी सीबीआई को सौंपने की अनुशंसा करेंगे.’ पूर्णिया जिले में केहाट थाना क्षेत्र पूर्व राजद नेता शक्ति मलिक की गत रविवार सुबह को मोटरसाइकिल से आए तीन नकाबपोश अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इस मामले में मलिक की पत्नी खुशबू देवी के बयान के आधार पर तेजप्रताप, तेजस्वी, अनिल कुमार साधु (राजद एससी—एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष), मनोज, सुनिता और कालो पासवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. खुशबू देवी ने एक राजनीतिक साजिश के तहत अपने पति की हत्या किए जाने का का आरोप लगाया था और कई नेताओं के नाम लिए थे. उन्होंने कहा था कि उनके पति राजद से निकाले जाने के बाद एक निदर्लीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे.

हाल ही बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद से निष्कासित कर दिए गए मलिक पडोसी जिला अररिया के रानीगंज विधानसभा से चुनाव लडने की तैयारी में जुटे थे. मलिक द्वारा अपनी हत्या के पूर्व राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव सहित पार्टी के अन्य नेताओं पर टिकट के बदले पैसे की मांग करने, जातिगत टिप्पणी करने और उनसे अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाया था. बिहार में सत्ताधारी जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी जी लगातार दलितों, पिछड़ों, वंचितों और अकलियतों की बात करते हैं लेकिन एक वीडियो वायरल हुआ है, वही असलियत है नेता प्रतिपक्ष की.

उन्होंने कहा कि रानीगंज विधानसभा के एक राजनीतिक कार्यकर्ता शक्ति मलिक की हत्या हो गई जिन्होंने टिकट के लिए कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव पर पैसों की लेनदेन का आरोप लगाया था. उन्होंने उनसे 50 लाख रूपये पहले एवं 20 लाख रूपये टिकट फाइनल होने का बाद मांग की थी. इसके लिए इंकार करने पर शक्ति मलिक को जातिसूचक शब्दों के द्वारा गाली दी गई. आज सुबह उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. जदयू नेता अजय आलोक ने मांग की कि चुनाव आयोग इस मामले में संज्ञान लेते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराए.