नई दिल्ली: बिहार की मशूहर शाही लीची को कानूनी तौर पर विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र के उत्पाद का नाम (जीआई) मिला है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) ने ट्वीट किया, ‘‘बिहार की शाही लीची को जीआई (विशिष्ट भौगोलिक पहचान) पंजीकरण मिल गया है.Also Read - Train Status/IRCTC Update: यहां बाढ़ की स्थिति में सुधार, दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू

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किसानो को होगा फायदा

मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, चंपारण, बेगूसराय और बिहार के आसपास के क्षेत्र की जलवायु बिहारी की शाही लीची की बागवानी के लिए सबसे अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती है. यह लीची अपने आकार प्रकार और गुणों की वजह से प्रसिद्ध है.

एक बार किसी उत्पाद को जीआई प्रमाणन मिलने के बाद कोई भी व्यक्ति या कंपनी इस इलाके के बाहर की लीची को कानूनी तौर पर इस नाम से नहीं बेचा जा सकता है. यह पंजीकरण दस के लिए है जिसका आगे नवीकरण किया जा सकता है. जीआई विश्व व्यापार संगठन के एक कानून के तहत आता है. (इनपुट एजेंसी)

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