पटना. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम स्कैंडल (Shelter Home Scandal) को लेकर मंत्री पद गंवाने वाली बिहार की पूर्व मंत्री और जदयू नेत्री मंजू वर्मा (Manju Verma) की मुश्किलें आसान होती नहीं दिख रही हैं. इसी मामले की जांच के क्रम में उनके खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने हथियार बरामदगी का एक मामला दर्ज किया था. इस मामले की आज पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) में सुनवाई हुई, जिसमें वर्मा को राहत नहीं मिल सकी. पटना उच्च न्यायालय ने शस्त्र अधिनियम के मामले में गिरफ्तारी का सामना कर रही पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी.

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 लड़कियों के यौन शोषण मामले की जांच कर रही सीबीआई ने गत अगस्त महीने में बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र स्थित मंजू के पति के घर से 50 कारतूस बरामद किए थे. इस संबंध में चेरिया बरियारपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस मामले में बेगूसराय की अदालत ने 25 अगस्त को मंजू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. आज इसी मामले पर कोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सुधीर सिंह ने इस मामले की आज सुनवाई करते हुए मंजू की उक्त याचिका खारिज कर दी. बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर से मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा की घनिष्ठता की बात सामने पर मंजू को प्रदेश के सामाजिक कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

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बता दें कि इसी साल मई के आखिरी हफ्ते में मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह में 34 लड़कियों के यौन शोषण मामले का पर्दाफाश हुआ था. हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट कांड के खुलासे के बाद इस मामले में बिहार सरकार के मंत्रियों, नेताओं और अफसरों की संलिप्तता सामने आई थी. समाज कल्याण विभाग के कई अफसरों को इस्तीफा देना पड़ा था. मीडिया में इस घटना के तूल पकड़ने के बाद बिहार समेत देशभर में सियासी बवाल मच गया. बिहार के मुख्य विपक्षी दल राजद समेत कई राजनीतिक पार्टियों ने घटना को लेकर नीतीश सरकार की तीखी आलोचना की. इसके बाद बिहार सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में आश्रय गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार किया था. इस मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के अलावा कई और लोगों के नाम सामने आए थे. खासकर ब्रजेश ठाकुर की सहयोगी मधु के भी इस रैकेट में शामिल होने की खबरें आई थीं.