Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार जहां गठबंधनों की संख्या ज्यादा दिख रही है तो वहीं इसबार मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी काफी हैं. इस बार एक दो नहीं, बल्कि सीएम पद के छह दावेदार मैदान में हैं और सीएम पद की कुर्सी तो एक ही है. इसबार बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए कड़ा मुकाबला होने वाला है, क्योंकि सभी दिग्गज उम्मीदवार हैं और अपनी-अपनी दावेदारी औक सीएम पद के लिए ताल ठोक रहे हैं Also Read - बिहार में चुनाव प्रचार रथ निकालेगी भाजपा, कहा- आरजेडी का जंगलराज याद दिलाएंगे

जदयू, भाजपा, हम और वीआईपी के गठबंधन एनडीए ने जहां एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ही सीएम का चेहरा घोषित किया है तो वहीं महागठबंधन में इस बार सीएम फेस को लेकर काफी उठापटक देखी गई और राजद की पुरानी जिद आज भी कायम है और तेजस्वी को ही सीएम पद का उम्मीदवार माना जा रहा है. Also Read - बिहार की लेडी सिंघम कही जाती हैं लिपि सिंह, मुंगेर हिंसा के बाद सुर्खियों में छायी हैं, जानिए

इनके अलावा छह दलों को मिलाकर बने ग्रांड डेमोक्रेटिक सेकुलर एलायंस ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, तो प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन ने जनअधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव को अपना सीएम कैंडिडेट बनाया है तो वहीं प्लुरल्स की पुष्पम प्रिया चौधरी ने भी खुद को बिहार का सीएम कैंडिडेट घोषित कर रखा है. इन सबके बीच हालांकि चिराग पासवान ने खुद को कभी सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन उनकी पार्टी लोजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया है. Also Read - Bihar: जिन्नावाले नेताजी भाषण में गिराने-उठाने की कर रहे थे बात, फिर हुआ ऐसा कि.... देखें VIDEO

जानिए सीएम कैंडिडेट पद के लिए दावेदार उम्मीदवारों की कुंडली

वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
नीतीश कुमार बिहार के सीएम हैं और एनडीए की तरफ से इसबार मुख्यमंत्री पद का उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है. नीतीश कुमार के पास संसदीय जीवन का भी लंबा अनुभव है, वो पहली बार 1985 में बिहार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे तो 9वीं लोकसभा के लिए 1989 में पहली बार चुने गए. इसके बाद 1991, 1996, 1998, 1999 व 2004 में भी लोकसभा के लिए चुने गए थे.

मंत्री पद का लंबा अनुभव

अप्रैल से नवंबर 1990 तक नीतीश कुमार केन्द्रीय कृषि व सहकारिता राज्य मंत्री रहे, 19 मार्च 1998 से 5अगस्त 1999 तक केंद्रीय रेल मंत्री रहे. 13 अक्टूबर 1999 से 22 नवंबर 1999 तक वे भू-तल परिवहन मंत्री रहे तो 27 मई 2000 से 20 मार्च 2001 तक कृषि मंत्री के तौर पर काम किया. फिर से 22 जुलाई 2001 से 21 मई 2004 तक रेल मंत्री बनाए गए.

शानदार रहा है सीएम का कार्यकाल
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल की बात करें तो वो पहली बार 03 से 10 मार्च 2000 पहली बार सात दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने फिर 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 तक, 26 नवंबर 2010 से 17 मई 2014 तक और फिर 22 फरवरी 2015 से अब तक बिहार के मुख्यमंत्री हैं.

तेजस्वी यादव पूर्व उपमुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष
तेजस्वी यादव महागठबंधन की सरकार में बिहार के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और इस बार महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार हैं. तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव के छोटे पुत्र हैं, उन्हें संसदीय जीवन का अनुभव बहुत कम है. पिछले विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनावी मैदान में उतरे और जीतकर विधायक बने. नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी महागठबंधन की सरकार में उनके पास सड़क और भवन विभाग था. लेकिन, बाद में जदयू के महागठबंधन से अलग होने से वह सरकार से बाहर हो गये.

एक ही कार्यकाल में उन्हें उप मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष दोनों का अनुभव मिला. तेजस्वी यादव 2015 में पहली बार विधायक बने और उसी साल उप मुख्यमंत्री बन गये.

ग्रांड डेमोक्रेटिक सेकुलर एलायंस ने रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा पर खैला दांव

रालोसपा नेता उपेन्द्र कुशवाहा ग्रांड डेमोक्रेटिक सेकुलर एलायंस के सीएम पद के उम्मीदवार हैं.उपेन्द्र कुशवाहा का राजनीतिक जीवन भी लंबा है. बीस साल पहले पहली बार विधायक बनकर ससंदीय जीवन की शुरुआत की थी. पहले वह जदयू में थे बाद में 2013 को रालोसपा का गठन किया. वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बने.पहले विधान सभा के उप नेता और फिर नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किए गए.
सांसद बने , 2010 में जदयू कोटे से राज्यसभा गये, 2014 में एनडीए में शामिल हुए और सांसद बने, 2014 में केन्द्र में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री बने.

पीडीए के सीएम फेस बने हैं पप्पू यादव

जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव  प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन के सीएम प्रत्याशी हैं. वे पहली बार 1990 में सिंहेश्वरस्थान से निर्दलीय विधायक बने और पहली बार 1991 में पूर्णिया से सांसद बने.उसके बाद पांच बार सांसद रहे.वर्ष 2015 में लोकसभा में सर्वश्रेष्ठ सांसद चुने गये और साथ ही वर्ष 2015 अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) बनाई.

प्लुरल्स की स्वघोषित उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी 

प्लुरल्स पार्टी की सीएम उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी स्वघोषित सीएम फेस हैं. वे जदयू के पूर्व एमएलसी विनोद चौधरी की पुत्री हैं, वो पहली बार मार्च, 2020 में राजनीति में आई और प्लुरल्स पार्टी बनाई. उन्होंने राजनीति में आते ही खुद को बतौर मुख्यमंत्री पेश कर दिया. राजनीति में अब तक उनकी कोई उपलब्धि नहीं रही है. इस बार चुनाव में उन्होंने सभी सीटों पर उम्मीदवार देने की घोषणा की है. बांंकीपुर से उन्होंने अपना नामांकन कराया है.