लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में उठापटक के बीच चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. इसके साथ-साथ उन्होंने यह भी कहा कि मैं रामविलास पासवान का बेटा हूं, मैं शेर का बेटा हूं.. पहले भी लड़ा था और आगे भी लड़ूंगा. चिराग पासवान ने कहा कि मैं चाहता था कि परिवार की बात है बंद कमरे में निपट जाए, लेकिन अब ये लड़ाई लंबी चलेगी और कानूनी तरीके से लड़ी जाएगी. चिराग ने कहा कि कुछ समय से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी. जो हुआ वो मेरे लिये ठीक नहीं था, दवाई लेकर आया हूं.Also Read - Chachi Bhatije Ki Prem Kahani: चाचा की गैरमौजूदगी में भतीजे-चाची के बीच इश्क चढ़ा परवान, लोगों ने रंगे हाथ पकड़ा और पंचायत ने करा दी शादी

उन्होंने कहा कि ‘मुझे टाइफाइड हुआ, 40 दिन ठीक होने में लगा. उस दौरान ये साजिश रची गई. मैंने बात करना चाही और होली के दिन भी मेरे साथ कोई भी नहीं था. हम उनसे बात करना चाहते थे, क्योंकि मेरी कोशिश पार्टी और परिवार को बचाने की थी. लेकिन जब लगा, अब कुछ नहीं हो सकता तो फिर मैंने उनको पार्टी से निकाल दिया. मुझे कहते तो मैं उनको लोकसभा नेता बना देता, लेकिन जिस तरीके से उनको नेता चुना गया वो प्रक्रिया गलत थी. यह निर्णय संसदीय बोर्ड के पास है. Also Read - क्या साथ आएंगे तेजस्वी यादव और चिराग पासवान? लालू प्रसाद ने की गठबंधन की वकालत

उन्होंने कहा कि दुख मुझे इस बात का है कि जब मैं बीमार था, उस समय मेरे पीठ पीछे जिस तरह से ये पूरा षड्यंत्र रचा गया. मैंने चुनाव के बाद अपने चाचा से संपर्क करने का, उनसे बात करने का निरंतर प्रयास किया. मेरी पार्टी के पूरे समर्थन के साथ मैंने चुनाव लड़ा. कुछ लोग संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए तैयार नहीं थे. मेरे चाचा ने खुद चुनाव प्रचार में कोई भूमिका नहीं निभाई. मेरी पार्टी के कई और सांसद अपने व्यक्तिगत चुनाव में व्यस्त थे. उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान, उससे पहले भी, उसके बाद भी कुछ लोगों द्वारा और खास तौर पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास निरंतर किया जा रहा था. Also Read - Bihar News: बिहार में 2 नाबालिग प्रवासियों को बिजली के खंभे से बाधकर पीटा, सिर भी मुंडवाया | Viral Video के बाद एक्शन में पुलिस

उन्होंने कहा कि कुछ जगह खबरें चल रही हैं कि मुझे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटाया जा चुका है. लोक जनशक्ति पार्टी का संविधान कहता है कि पार्टी अध्यक्ष का पद सिर्फ दो परिस्थितियों में खाली हो सकता है या तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का निधन हो या राष्ट्रीय अध्यक्ष इस्तीफा दें.

इससे पहले लोजपा नेता चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा, ‘पशुपति कुमार पारस को लोकसभा में लोजपा का नेता घोषित करने का निर्णय हमारी पार्टी के संविधान के प्रावधान के विपरीत है.’ उन्होंने अध्यक्ष से उनके पक्ष में नया सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया.

मालूम हो कि LJP के छह सांसदों में पांच सांसदों ने बगावत कर चिराग की जगह पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) को संसदीय दल का नया नेता नियुक्त किया है. इसके जवाब में चिराग पासवान ने मंगलवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर इन सभी बागी नेताओं को पार्टी से निकाल दिया.