Bihar Politics SSR Death: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत कैसे हुई, इसकी जांच तो केंद्रीय जांच एजेंसियां कर रही हैं. इस मामले को लेकर एक तरफ सियासत भी गर्म है तो वहीं कई और गहरे राज पर से पर्दा उठ रहा है. बिहार में सुशांत को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है. राजद विधायक अरुण कुमार यादव ने सुशांत सिंह राजपूत पर विवादास्पद टिप्पणी देकर विवाद बढ़ा दिया है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

सहरसा से राजद विधायक अरुण यादव ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत थे ही नहीं, क्योंकि राजपूत महाराणा प्रताप के वंशज हैं, जो कभी गले में रस्सी लगाकर नहीं मर सकते. अरुण यादव ने कहा, ‘हम तो पहले कहते हैं कि राजपूत नहीं था वो, बुरा मत मानिएगा. राजपूत, महाराणा प्रताप का संतान गला में डोरी बांध कर नहीं मर सकता है. Also Read - बिहार: कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से 8 लाख रुपए बरामद, इनकम टैक्स अफसरों ने रणदीप सिंह सुरजेवाला से की पूछताछ

उन्होंने आगे कहा कि महाराणा प्रताप राजपूतों का पुरखा हैं तो वह यादवों के भी हैं.हमको दुख है, सुशांत सिंह राजपूत को डोरी बांध कर नहीं मरना चाहिए था. वह राजपूत था, मुकाबला करता. राजपूत डोरी बांध कर मरता है? यदि सीबीआई जांच हो, जो होगा काम करेगा, लेकिन हम इस बात से दुखी हैं.’ Also Read - चिराग पासवान ने साधा नीतीश कुमार पर निशाना, बोले- कहीं लालू की शरण में न चले जाएं

उनके इस बयान पर बिहार भाजपा ने प्रवक्ता डॉ निखिल आनंद ने कहा कि राजद विधायक का बयान बिल्कुल ही अनर्गल है और जातिवादी मानसिकता से ग्रसित है. इससे पहले भी तेजप्रताप ने रघुवंश बाबू को समुंदर में एक लोटा पानी बताकर बाहर फेंकने की बात की थी. इन सबसे प्रतीत होता है कि राजद के नेतागण आदतन इस तरह की घटिया बयानबाजी के लिए ही बने हैं.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का बयान सबके सामने है. इस पूरे मामले में तेजस्वी यादव सफाई दे और बताएं कि उनकी सुशांत, रिया, कंगना के मामले में क्या राय है? क्या तेजस्वी अधीर रंजन चौधरी और अपने विधायक के जातिवादी बयानों से सहमति जताते हैं या फिर दोनों के बयानों का विरोध करते हैं. तेजस्वी यादव को चाहिए कि वे महागठबंधन और राजद नेताओं की ओर से बिहार के बेटे सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ अनर्गल जातिवादी टिप्पणी पर सार्वजनिक माफ़ी मांगे.