Bihar Politics SSR Death: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत कैसे हुई, इसकी जांच तो केंद्रीय जांच एजेंसियां कर रही हैं. इस मामले को लेकर एक तरफ सियासत भी गर्म है तो वहीं कई और गहरे राज पर से पर्दा उठ रहा है. बिहार में सुशांत को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है. राजद विधायक अरुण कुमार यादव ने सुशांत सिंह राजपूत पर विवादास्पद टिप्पणी देकर विवाद बढ़ा दिया है.Also Read - बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा, मोदीजी, 15 दिन के लिए जम्मू-कश्मीर बिहारियों को सौंप दीजिए, फिर देखिए

सहरसा से राजद विधायक अरुण यादव ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत थे ही नहीं, क्योंकि राजपूत महाराणा प्रताप के वंशज हैं, जो कभी गले में रस्सी लगाकर नहीं मर सकते. अरुण यादव ने कहा, ‘हम तो पहले कहते हैं कि राजपूत नहीं था वो, बुरा मत मानिएगा. राजपूत, महाराणा प्रताप का संतान गला में डोरी बांध कर नहीं मर सकता है. Also Read - Aryan Khan Drugs Case का बिहार कनेक्शन, मोतिहारी जेल में मुंबई पुलिस-NCB को मिला सुराग, जानिए

उन्होंने आगे कहा कि महाराणा प्रताप राजपूतों का पुरखा हैं तो वह यादवों के भी हैं.हमको दुख है, सुशांत सिंह राजपूत को डोरी बांध कर नहीं मरना चाहिए था. वह राजपूत था, मुकाबला करता. राजपूत डोरी बांध कर मरता है? यदि सीबीआई जांच हो, जो होगा काम करेगा, लेकिन हम इस बात से दुखी हैं.’ Also Read - पटना में चर्चित मॉडल मोना राय को बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारी, क्‍या मर्डर का है बिहार के टॉप नेताओं से कनेक्‍शन?

उनके इस बयान पर बिहार भाजपा ने प्रवक्ता डॉ निखिल आनंद ने कहा कि राजद विधायक का बयान बिल्कुल ही अनर्गल है और जातिवादी मानसिकता से ग्रसित है. इससे पहले भी तेजप्रताप ने रघुवंश बाबू को समुंदर में एक लोटा पानी बताकर बाहर फेंकने की बात की थी. इन सबसे प्रतीत होता है कि राजद के नेतागण आदतन इस तरह की घटिया बयानबाजी के लिए ही बने हैं.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का बयान सबके सामने है. इस पूरे मामले में तेजस्वी यादव सफाई दे और बताएं कि उनकी सुशांत, रिया, कंगना के मामले में क्या राय है? क्या तेजस्वी अधीर रंजन चौधरी और अपने विधायक के जातिवादी बयानों से सहमति जताते हैं या फिर दोनों के बयानों का विरोध करते हैं. तेजस्वी यादव को चाहिए कि वे महागठबंधन और राजद नेताओं की ओर से बिहार के बेटे सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ अनर्गल जातिवादी टिप्पणी पर सार्वजनिक माफ़ी मांगे.