पटना. बिहार में पटना की एक स्थानीय अदालत ने शनिवार को निलंबित राजद विधायक राज बल्लभ यादव (Raj Ballabh Yadav) और पांच अन्य को एक नाबालिग लड़की से दो वर्ष पहले बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया. विशेष सांसद एवं विधायक अदालत के न्यायाधीश सह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) (नौवें) परशुराम यादव ने विधायक को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पोक्सो की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया. पांच अन्य सह आरोपियों को भी भारतीय दंड संहिता की धारा 120 (बी) के तहत दोषी ठहराया गया.

अदालत कक्ष के बाहर विशेष लोक अभियोजक श्यामेश्वर दयाल ने संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने 21 दिसम्बर को मामले की अगली सुनवाई की तिथि तय की है जब सजा पर जिरह होगी. उन्होंने बताया कि अभियोजन मामले में अधिकतम सजा पर जोर देगा क्योंकि विधायक ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए आपराधिक साजिश रची. दयाल ने कहा कि राजद के निलंबित विधायक राज बल्लभ यादव की विधानसभा की सदस्यता जा सकती है, क्योंकि यादव को ऐसी धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है जिसके लिए न्यूनतम छह वर्ष और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है. उन्होंने कहा कि वह जनप्रतिनिधि कानून की धारा आठ (3) के तहत अपनी सदस्यता गंवा सकता है.

बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल से निलंबित विधायक राजबल्लभ यादव के अलावा इस कांड के आरोपियों में संदीप सुमान उर्फ पुष्पंजय कुमार, राधा देवी, सुलेखा देवी, अर्पिता और टिशु कुमार के नाम शामिल हैं. वर्ष 2016 के फरवरी महीने में एक नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में विधायक राजबल्लभ यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे. बीते 4 दिसंबर को सुनवाई के बाद विशेष जज परशुराम सिंह यादव ने आरोपपत्र पर दोनों पक्षों के बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. अदालत में दोनों पक्षों की करीब चार महीने तक गवाही चली. अभियोजन की ओर से 22 जबकि बचाव पक्ष की ओर से 15 गवाहों को पेश किया गया. निर्णय के लिए 15 दिसंबर की तारीख तय कर दी गई थी. मामला सामने आने के बाद राजनीति तेज हो गई तो राजबल्लभ यादव को आरजेडी से निलंबित कर दिया गया.

(इनपुट – एजेंसी)