Bihar Assembly Election 2020: बिहार के पूर्णिया में रविवार को बहुचर्चित दलित नेता शक्ति मलिक हत्याकांड पर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है, जिसके मुताबिक शक्ति मलिक हत्याकांड में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत नामजद छह राजद नेताओं का कोई हाथ नहीं है. पुलिस ने केस में शामिल मुख्य आरोपी आफताब समेत सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020 : तेजस्वी का भाजपा पर निशाना, 'पहले महंगाई इनके लिए 'डायन' थी, अब 'भौजाई' बन गई'

इस खुलासे के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने शक्ति मलिक हत्याकांड पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोला है. तेजस्वी ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर इस बारे में कहा है कि ‘पुलिस ने हत्याकांड में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. मेरा और राजद नेताओं का नाम राजनीतिक साजिश के तहत हत्याकांड में खींचा गया है. सत्ताधारी दल ने मुझ पर और मेरे भाई (तेजप्रताप यादव) पर झूठा आरोप लगाया. बिहार के सीएम को बताना चाहिए कि वो इतने डरे हुए क्यों हैं कि उन्हें झूठा आरोप लगाना पड़ रहा है? क्या हम पर झूठा आरोप लगाने के लिए सरकार माफी मांगेगी?’ Also Read - सिर पर पल्लू ले ससुराल के खिलाफ सड़क पर उतरीं लालू की बहू ऐश्वर्या, पिता के लिए मांगा वोट

बता दें शक्ति मलिक हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी आफताब समेत सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है. जब्त सीसीटीवी फुटेज में हत्या के बाद अपराधी भागते दिखे थे. गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चार देशी कट्टा, एक पिस्तौल और चाकू बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक हत्या से एक दिन पहले शक्ति मलिक ने आफताब समेत कुछ लोगों के साथ रुपये नहीं लौटाने पर गाली-गलौज किया था. इसके नाराज होकर आफताब समेत सातों आरोपियों ने प्लानिंग के बाद शक्ति मलिक की हत्या कर दी.