पटना: केंद्र सरकार द्वारा पिछले दिनों संसद से पास कराए गए कृषि विधेयक के खिलाफ देशभर में किसान संगठन और विपक्षी दल शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे. इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और जन अधिकार पार्टी (जाप) के प्रमुख पप्पू यादव ट्रैक्टर लेकर पटना की सड़कों पर उतरे. इसके अलावा कई विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे और कृषि विधेयकों का विरोध किया.Also Read - तेजस्वी यादव का दावा, 'नीतीश कुमार ने जाति जनगणना का मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाने पर सहमति जताई है'

तेजस्वी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बिल के कारण किसान हताश, निराश और लाचार हैं. उन्होंने कहा कि इस बिल ने अन्नदाताओं को तोड़ दिया है. किसान और गरीब होता जाएगा. इस बिल को हर हाल में सरकार को वापस लेना चाहिए. तेजस्वी अपने आवास से निकलकर पार्टी कार्यालय पहुंचे. इसके बाद वे आयकर गोलंबर, डाकबंगला चैराहा होते हुए जिला कार्यालय तक गए. Also Read - तेजस्वी यादव ने कहा- दूसरी सरकार आए और विधायकों पर गोली चलवा दे तो, इसलिए नीतीश कुमार...

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तेजस्वी ने कहा कि किसानों का सुरक्षा कवच न्यूनतम समर्थन मूल्य अब समाप्त हो गया है. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय को दोगुना करने की बात करती थी, लेकिन अब कृषि क्षेत्र का भी निजीकरण, ठेका प्रथा और कॉपोर्रेटीकरण कर रही है. राजद ने कृषि बिल को किसान विरोधी बता दिया और राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया और सड़कों पर उतरे.

इधर, जन अधिकार पार्टी (जाप) के अध्यक्ष पप्पू यादव बिहार बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे. पप्पू यादव ने संसद से पास हुए कृषि से जुड़े तीनों विधेयकों को किसान विरोधी बताया. ट्रैक्टर पर बैठ कर वे इनकम टैक्स गोलम्बर से डाक बंगला चैराहा तक गए और अपना विरोध जताया. बंद के समर्थन में हजारों समर्थक और आम जनता सड़क पर आई और इन कानूनों को वापस लेने की मांग की.

पप्पू यादव ने कहा कि इस कानून ने देश की आत्मा पर चोट की है. ये अन्नदाता को कमजोर करने वाला कानून है. देश की आधी आबादी कृषि और कृषि आधारित रोजगारों पर आश्रित है और इस कानून से ये पूरी आधी आबादी प्रभावित होगी. इधर, यूनियन डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के घटक दल भारतीय सबलोग पार्टी और जनता दल राष्ट्रवादी के नेता ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ पटना के जे.पी. गोलंबर पर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया.

प्रदर्शन का नेतृत्व जनता दल राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय संयोजक अशफाक रहमान और पूर्व सांसद और भारतीय सबलोग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरूण कुमार ने किया. इस मौके पर पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा भी मौजूद थी. प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जमकर राजग सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया. उधर, रालोसपा भी कृषि विधेयक को लेकर सड़क पर उतरी. रालोसपा के किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष सिंह कुशवाहा ने कहा कि बिल को सरकार वापस ले.