पटना: आरजेडी तेजस्वी यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखकर पूर्णिया में पूर्व राजद के राज्य सचिव शक्ति मलिक की हत्या के मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने का अनुरोध किया है. उन्‍होंने अपने पत्र यह भी लिखा है, “आप मुझे नामांकन दाखिल करने से पहले गिरफ्तार कर सकते हैं और मुझे पूछताछ के लिए बुला सकते हैं.” Also Read - सच्चे योगी होने का प्रूफ दें आदित्यनाथ, उन्हें नहीं पता मैंने पाकिस्तान जाकर भारत के बारे में किस तरीके से की थी: ओवैसी

बता दें कि शक्ति मलिक की पत्नी के बयान के आधार पर तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, अनिल साधु, कालो पासवान, सुनीता देवी और मनोज पासवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. Also Read - पिता का श्राद्धकर्म निपटाते ही चिराग ने भरी चुनावी हुंकार, मां ने टीका लगा बेटे को दिया आशीर्वाद

बता दें कि 4 अक्‍टूबर को बिहार के पूर्णिया जिले के केहाट थाना क्षेत्र में एक दलित नेता की हत्या मामले में राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव सहित छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी. Also Read - VIDEO: तेज-तेजस्वी की मुश्किलें बढ़ाएंगी लालू की बहू ऐश्वर्या! सीएम नीतीश का पैर छूकर लिया आशीर्वाद

केहाट थाना क्षेत्र में रविवार सुबह नकाबपोश अपराधियों ने दलित नेता शक्ति मलिक के घर में घुसकर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. इस मामले में तेजस्वी प्रसाद यादव एवं तेजप्रताप यादव सहित कुल छह लोगों के खिलाफ केहाट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

केहाट थानाध्यक्ष सुनील कुमार मंडल ने बताया कि मृतक की पत्नी खुशबू देवी के बयान के आधार पर तेजप्रताप, तेजस्वी, अनिल कुमार साधु (राजद एससी-एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष), मनोज, सुनिता और कालो पासवान के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई.

मलिक की पत्नी ने राजनीतिक साजिश के तहत अपने पति की हत्या किए जाने का आरोप लगाया और कई नेताओं के नाम लिए थे. उन्होंने कहा कि उनके पति राजद से निकाले जाने के बाद एक निदर्लीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे.

वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा और अनुमंडल पुलिस अधिकारी सदर आनंद पांडेय ने वारदात स्थल पहुंच कर निरीक्षण किया था. पुलिस ने वारदात स्थल से एक खोखा और देशी कट्टा बरामद किया था. हाल ही में बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद से निष्कासित कर दिए गए मलिक पडोसी जिले अररिया के रानीगंज विधानसभा से चुनाव लडने की तैयारी में थे. मलिक ने हत्या के पहले राजद नेता तेजस्वी यादव सहित पार्टी के अन्य नेताओं पर टिकट के बदले पैसे की मांग करने जातिगत टिप्पणी करने और उनसे अपनी जान का खतरा होने का आरोप लगाया था.