नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही बिहार की राजनीति करवट लेती दिख रही है. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है. बिहार में भूमिहार और ब्राह्मण हमेशा से आरजेडी के विरोधी माने जाते रहे हैं. तेजस्वी यादव इस छवि को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. रविवार को उन्होंने कहा कि भूमिहार और ब्राह्मण उन्हें अपना बेटा या भाई मानें. बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 131वीं जयंती पर रविवार को पटना के एसके मेमोरियल हॉल में तेजस्वी यादव ने कहा, मैं आप लोगों के बेटे और भाई की तरह हूं. हम एक साथ मिलकर श्रीकृष्णा सिंह के सिद्धांतों पर चलते हुए फिर से एक नया बिहार बनाएंगे. तेजस्वी ने कहा कि समय आ गया है कि एक साथ मिलकर आईटी औ अन्य सेक्टर में राज्य की प्रगति के लिए काम करें.Also Read - उमा भारती ने कहा- अफसरों की औकात ही क्या, वो हमारी चप्पल उठाते हैं, नेता उनकी...

आपको बता दें कि साल 1946 से 1961 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे श्रीकृष्ण सिंह जाति से भूमिहार थे. इस कार्यक्रम का आयोजन कई सालों से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह करते आ रहे हैं. समारोह में सबकी नजरें बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की तरफ थी, जिन्होंने इस कार्यक्रम हिस्सा लिया. Also Read - CM पद की शपथ लेते ही कुर्सी छोड़ने का दबाव, चरणजीत सिंह चन्नी से महिला आयोग ने माँगा इस्तीफा, जानें वजह

पिछली बार आयोजन समिति ने इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद को बुलाया था जिसको लेकर कई सवाल भी उठे थे. ऐसे में लालू की गैरमौजूदगी में इस बार तेजस्वी को न्योता दिया गया था. तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन के शुरुआत में कहा कि इस जयंती समारोह में पहले पिता भागीदारी करते थे. लालू यादव के कहने पर ही साल 2001 में श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह की शुरुआत की गई थी. Also Read - Maharashtra News: कांग्रेस ने महाराष्ट्र से राज्यसभा सीट के उपचुनाव में रजनी पाटिल को बनाया उम्मीदवार

बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर रविवार को निशाना साधते हुए प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार की तुलना ‘राक्षस राज’ से की और कहा कि जनता इस सरकार से त्रस्त है. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उनकी ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग कहते थे कि ‘मिट्टी में मिल जाएंगे, मगर भाजपा से हाथ नहीं मिलाएंगे.’

तेजस्वी ने नीतीश पर कुर्सी के लोभ में फंसे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने जनादेश का अपमान किया और भाजपा के साथ मिल गए, इससे बिहार की जनता नाराज है और काफी गुस्से में है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कहते हैं कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है और इसलिए हमारे साथ गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ गए थे, लेकिन सूबे में अब अपराध और भ्रष्टाचार है.

बिहार में अपराध में लगातार वृद्धि होने का आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने कहा आज इस प्रदेश में ‘राक्षस राज’ है और जनता इस सरकार से त्रस्त है. तेजस्वी ने नीतीश और सुशील से सवाल किया कि केंद्र की वर्तमान सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान में बिहार को क्या मिला? बिहार को विशेष राज्य का दर्जा कब मिलेगा? उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा को बिहार की कोई चिंता नहीं है.