पटना। बिहार नया शराबबंदी बिल पेश पास हो गया. सीएम नीतीश कुमार ने आज विधानसभा में ये बिल पेश किया था. नए बिल में शराबबंदी से जुड़े कई प्रावधानों को नरम किया गया है. बिल पेश करते समय नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी बिल गरीब आदमी के लिए लाया गया था, लेकिन ये लोग अपनी आमदनी का बड़ा हिस्सा शराब पर ही खर्च कर रहे थे. घरेलू हिंसा बढ़ गई थी. मैं इस कानून को गरीबों की बेहतरी के लिए लाया था.

पुराने शराबबंदी बिल में कई कड़े प्रावधान थे जिसे लेकर सरकार की सख्त आलोचना हो रही थी. इस फैसले से नीतीश सरकार को अगले चुनाव में भी भारी नुकसान हो सकता था. इसलिए वक्त की नजाकत को देखते हुए शराबबंदी कानून में बदलाव कर इसे थोड़ा नरम कर दिया गया है.

गरीब आदमी की बेहतरी का दिया हवाला

विधानसभा में नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी कानून को गरीब आदमी की बेहतरी के लिए लाया गया था. इस कानून में बदलाव को कुछ समय पहले कैबिनेट ने भी मंजूरी दी थी. नए बदलावों के बाद शराबबंदी कानून की धार कम हो गई है. पुराने कानून को लेकर विपक्ष का आरोप था कि इसका जमकर दुरुपयोग हो रहा है और गरीब दलितों-पिछड़ों को फंसासा जा रहा है. इसकी आड़ में पुलिस की अवैध वसूली हो रही है.

नीतीश की सरकार ने बिहार में शराबबंदी कानून में किए बड़े बदलाव, घटेगी सजा

इस कानून में सबसे बड़ा बदलाव ये है कि इसे अब जमानती बना दिया गया है. पहले ये एक्ट गैर जमानती था. यानी शराब के साथ पकड़े जाने पर जेल जाना होता था और 5 साल की सजा का प्रावधान था. अब 50 हजार रुपये का फाइन या तीन महीने की जेल का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा शराब बनाने, तस्करी और बिक्री करने पर 10 साल से उम्रकैद की सजा का प्रावधान था. लेकिन नए कानून में पहली बार अपराध करने पर पांच साल की जेल होगी और दोहराने पर 10 साल की जेल.

बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी
बिहार में पांच अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है और इसे कड़ाई से लागू किए जाने के लिए नीतीश कुमार सरकार ने बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 को सर्वसम्मिति से विधानमंडल से पारित करवाया था पर बाद में इसके कुछ प्रावधानों को कड़ा बताए जाने और इस कानून का दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष इसकी आलोचना की जाती रही है. 11 जून को लोकसंवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान शराबबंदी कानून में कुछ तब्दीली से संबंधित प्रश्न के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमलोगों ने राज्य में पूरी ईमानदारी से शराबबंदी कानून को लागू किया है. इसमें कुछ कड़े प्रावधान हैं, इसके लिए कार्यक्रम में एक राय बनाने के लिए ऑल पार्टी मीटिंग की गई थी.