नई दिल्ली: भाजपा के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को सत्तारूढ़ गठबंधन में हलचल पैदा करते हुए बिहार में हाल में अपहरण और हत्या के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि कोई आश्चर्य नहीं कि ‘‘नोटा’’ (नन ऑफ द अबव) विकल्प को राज्य में लोकसभा चुनाव में अधिसंख्य मत चले जाएं.

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के प्रमुख कुशवाहा ने ट्वीट किया, ‘‘कहीं ऐसा न हो कि अगले चुनाव में बिहार में नोटा ही न बहुमत का आंकड़ा पार कर जाए.’’ उनका यह व्यंग भरा ट्वीट झारझंड के एक जिले के जंगल से बैंक प्रबंधक का शव मिलने के बाद आया है. पिछले हफ्ते नालंदा से उनका अपहरण किया गया था. कुशवाहा ने राज्य के मुजफ्फरपुर जिले से अपहृत कारोबारी की हत्या का भी जिक्र किया. उनका शव कल बरामद किया गया था.

NDA में कुछ लोग मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते हैं: कुशवाहा

केंद्रीय मंत्री अक्सर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते रहते हैं जहां भाजपा की एक अन्य सहयोगी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद(यू) की सरकार है. करीब एक सप्‍ताह पहले उन्‍होंने हाजीपुर में वार्ड पार्षद की हत्‍या के बाद भी राज्‍य में कानून-व्‍यवस्‍था की हालत पर सवाल उठाए थे. कुशवाहा ने कहा था कि बिहार में अराजकता फैली है और अपराधियों के मन से शासन-प्रशासन के प्रति भय खत्‍म हो गया है.

नीतीश सरकार पर फिर बरसे कुशवाहा, कहा राज्‍य में अपराधियों को शासन का भय नहीं

इससे पहले उन्‍होंने पटना में एक कार्यक्रम में कुशवाहा और यादवों के साथ आने की वकालत कर राज्‍य में राजग गठबंधन के भविष्‍य पर सवालिया निशान खड़े कर दिए थे. कुशवाहा ने कहा था कि अच्‍छी खीर यादवों के दूध और कुशवाहों द्वारा पैदा किए गए चावल से ही बन सकती है. इसके बाद उन्‍होंने यह भी कहा था कि राजग के ही कुछ लोग नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते हैं. भाजपा के दो सहयोगियों के बीच सौहार्द्र पूर्ण रिश्ते नहीं हैं जिससे यह अटकलें लगती रहती हैं कि क्या कुशवाहा बिहार में भाजपा विरोधी मोर्चे में शामिल हो सकते हैं.