नई दिल्ली: केंद्र एवं बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग होने के बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा बिहार में महागठबंधन के नेताओं की मौजूदगी में गुरुवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) में शामिल हो गए. इसकी औपचारिक घोषणा के मौके पर महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि वे एक साथ मिलकर 2019 में भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे.

बिहार में विपक्षी दलों के ‘महागठबंधन’ में कुशवाहा के शामिल होने की घोषणा पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एआईसीसी प्रदेश प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल, राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव, विपक्षी नेता शरद यादव और हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा (सेक्यूलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी की मौजूदगी में एक संवाददाता सम्मेलन में की गई. कुशवाहा का महागठबंधन में स्वागत करते हुए नेताओं ने कहा कि वह मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर कर देंगे और बिहार तथा देश के लोगों की दुर्दशा को सुधारने की दिशा में काम करेंगे.

राजग सरकार में शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री कांग्रेस आलाकमान के साथ चर्चा के बाद संप्रग में शामिल हो गए. संप्रग के साथ सीटों के बंटवारे पर उन्होंने कहा, ‘‘हम सही समय आने पर सही फैसला लेंगे.’’ कुशवाहा ने कहा कि राजग छोड़ने की मुख्य वजह बिहार के लोगों से किए गए वादे पूरे करने में मोदी सरकार की नाकामी थी. इसके अलावा उन्हें राजग में ‘‘अपमानित’’ किया गया. उन्होंने कहा कि दो फरवरी को पटना में ‘‘आक्रोश मार्च’’ निकाला जाएगा जिसमें उनके जैसी विचारधारा वाले दल शामिल होंगे.

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कुशवाहा ने किसानों और युवाओं की मदद के लिए आगे आने के वास्ते राहुल गांधी की प्रशंसा की और कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की कथनी और करनी में समानता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिहार और देश के लोगों से किए वादे पूरे ना कर उनका ‘‘अपमान’’ करने का आरोप लगाया. रालोसपा प्रमुख ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने की साजिश की गई तथा जब उन्हें ‘‘अपमानित’’ किया जा रहा था तो प्रधानमंत्री मूक दर्शक बने हुए थे. उन्होंने कहा, ‘‘साजिश के तहत हमारी पार्टी को कमजोर किया गया. नीतीश कुमार ने मेरी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की.’’

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कुशवाहा और उनकी पार्टी का संप्रग में स्वागत करते हुए कहा, ‘‘बिहार में पहले से गठबंधन था और आज उसमें उपेंद्र कुशवाहा जी शामिल हुए हैं. हम उनका स्वागत करते हैं.’’ राजद नेता तेजस्वी यादव ने कुशवाहा को संप्रग में आने पर बधाई देते हुए कहा कि सभी दल ‘देश और संविधान बचाने’ के लिए एकजुट हुए हैं. तेजस्वी ने कहा, ‘‘आज महागठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा जी के आने पर उनको बधाई देता हूं. यह दलों का नहीं, जनता के दिलों का गठबंधन है. यह संविधान और देश को बचाने की लड़ाई है. सीबीआई, ईडी या आरबीआई जैसी संस्थाओं को बचाने की लड़ाई है. यह उन लोगों के खिलाफ लड़ाई है जिन्होंने जनता को धोखा दिया है.’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी ने देश में ही तानाशाही नहीं कर रखी है, बल्कि अपने घटक दलों के साथ भी तानाशाही रवैया अपनाया है.’’ नीतीश पर निशाना साधते हुए राजद नेता ने कहा, ‘‘ कहा जाता है कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है, जबकि ऐसा नहीं है. एक इंजन अपराध में है और दूसरा भ्रष्टाचार में है.’’ उन्होंने एक जैसी विचारधारा वाली पार्टियों से राजग के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि उनके नेताओं को ‘‘राष्ट्र हित में अपने अहंकार को छोड़ना होगा.’’

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बिहार कांग्रेस नेता रंजीत रंजन की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर गोहिल ने कहा, ‘‘यह काल्पनिक सवाल है.’’ रंजन ने कहा था कि नीतीश कुमार का महागठबंधन में स्वागत है. दूसरी ओर, शरद यादव ने कहा कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है और सभी दल लड़ने के लिए एक साथ आ रहे हैं. जीतन राम मांझी ने कहा कि गठबंधन राजग सरकार की गलतियों को सुधारने में मदद करेगा.

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कुशवाहा के संप्रग में शामिल होने से बिहार में भारतीय जनता पार्टी-जनता दल (यूनाइटेड)-लोक जनशक्ति पार्टी के गठबंधन का मुकाबला करने के लिए महागठबंधन को बल मिलने की संभावना है. कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) पहले ही बिहार में संप्रग का हिस्सा हैं. हालांकि, सीटों के बंटवारे का मुद्दा ये दल कैसे सुलझाते हैं, ये देखना रोचक होगा. कुशवाहा एनडीए द्वारा दी जा रही सीटों की संख्‍या से संतुष्‍ट नहीं थे. उन्‍होंने अमित शाह से बात करने की कोशिश की, लेकिन समय नहीं मिला. मौजूदा हालत में अब हालांकि कुशवाहा भी ज्‍यादा तोल-मोल की हालत में नहीं होंगे, क्‍योंकि अब उनके पास यूपीए का हिस्‍सा बने रहने के अलावा विकल्‍प भी नहीं हैं.