नई दिल्ली: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) एनडीए सरकार से अलग हो सकती है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा कि इस संबंध में औपचारिक घोषणा गुरुवार को किए जाने की संभावना है. नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर नेता ने कहा कि कुशवाहा के केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा देने की संभावना है. कुशवाहा अभी केंद्र में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री हैं. नेता ने कहा कि कुशवाहा का इस्तीफा महज एक औपचारिकता है जो उनके राष्ट्रीय राजधानी जाने और प्रधानमंत्री से मिलने के बाद पूरी कर ली जाएगी.

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रालोसपा ने बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार और बिहार में नीतीश कुमार सरकार की तीखी आलोचना की.वाल्मीकि नगर में पार्टी के चिंतन शिविर में कुशवाहा को राजनीतिक फैसले लेने के लिए अधिकृत किया गया. कुशवाहा गुरुवार को मोतिहारी में एक रैली को संबोधित करेंगे. पार्टी नेता ने कहा कि रालोसपा के सख्त रूख से यह स्पष्ट हो गया है कि हमारा गठबंधन एनडीए के साथ था जो अब खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि राजग में रालोसपा के होने का अर्थ बीजेपी और लोजपा से गठबंधन था. नीतीश कुमार की जदयू के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं है. वह पिछले साल गठबंधन में शामिल हुए हैं जबकि हम 2014 से ही राजग का हिस्सा हैं.

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कुशवाहा ने बिहार में राजग गठबंधन में सीट बंटवारे के मामले में हस्तक्षेप के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा था. हालांकि दिल्ली में रहने के बावजूद उन्हें समय नहीं दिया गया. कुशवाहा की उम्मीदें उस समय समाप्त हो गई, जब मोदी उन्हें बिना वार्ता के लिए आमंत्रित किए जी20 सम्मेलन के लिए अर्जेटीना चले गए.

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इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी कुशवाहा को मामले को सुलझाने के लिए समय नहीं दिया था. कुशवाहा ने कहा था, मैंने बिहार में राजग में सम्मानजनक सीट बंटवारे की चर्चा के लिए अमित शाह से दो बार मुलाकात करने का प्रयास किया. लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी. मुझे समय नहीं दिया गया.’

कुशवाहा ने नवंबर में कहा था कि आरएलएसपी ने भाजपा द्वारा दिए गए प्रस्ताव को ठुकराने का निर्णय किया है. उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य कार्यकारिणी ने भाजपा के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. उन्होंने हालांकि प्रस्तावित सीट का खुलासा करने से इंकार कर दिया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) आरएलएसपी में विभाजन कराने का प्रयास कर रही है.

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एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से जनता दल (युनाइटेड) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पर निशाना साधा था.

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कुशवाहा ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी छात्रसंघ चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच मचे घमासान के लिए आड़े हाथों लिया और कहा कि आने वाली पीढ़ी कैसे विश्वास करेगी कि आप भी उसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं. कुशवाहा ने आगे लिखा, “जनाब! छात्रसंघ चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर पुलिस, प्रशासन, विश्वविद्यालय सबको दंडवत करा दिया. इतनी फजीहत कराकर जीत भी गए तो क्या प्रधानमंत्री बन जाएंगे.

(इनपुट-भाषा)