नई दिल्ली/पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद ने लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान और उनकी पार्टी के बीच गठजोड़ की वकालत की और उनके (चिराग के) चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ पार्टी के भीतर चल रही गुटीय लड़ाई में चिराग पासवान का समर्थन किया.Also Read - बिहार: चिराग पासवान और तेजस्वी यादव मिले, कहा- 'दोनों परिवारों में पारिवारिक संबंध'

लंबे समय से बीमार चल रहे समाजवादी नेता शरद यादव से मुलाकात के बाद लालू प्रसाद यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में लोजपा नेता चिराग पासवान का भी समर्थन किया और कहा कि विवादों के बावजूद युवा सांसद एक नेता के तौर पर उभर कर सामने आए हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी और लोजपा नेता के बीच गठबंधन की वकालत की. Also Read - RJD ने ऑफिस के लिए मांगी और ज़मीन, बिहार में सियासत गर्म, नीतीश कुमार की पार्टी भड़की

चिराग हाल में पार्टी में उस वक्त कमजोर पड़ गए जब उनके चाचा पशुपति कुमार पारस की अगुवाई में पांच सांसद उनसे अलग हो गए और पारस अपने गुट के एकमात्र सांसद हैं जिन्हें हाल ही में कैबिनेट मंत्री के रूप में मोदी सरकार में शामिल किया गया है. पार्टी में टूट के बाद अपने पक्ष में जनसमर्थन जुटाने के लिए बिहार में आशीर्वाद यात्रा पर निकले चिराग ने लालू के प्रति आभार जताया लेकिन कोई राजनीतिक टिप्पणी करने से परहेज किया. Also Read - Caste Census In India: जातीय जनगणना जरूरी है, सीएम नीतीश ने कहा-बात हो गई, अब पीएम मोदी जो निर्णय लें

पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजद प्रमुख द्वारा उनका समर्थन किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए चिराग ने कहा, ‘‘लालू जी के मेरे पिता और राजनीतिक गुरु रामविलास पासवान के साथ मधुर संबंध थे. मेरे नेतृत्व की तारीफ करने के लिए उनका धन्यवाद करता हूं लेकिन मेरी वर्तमान प्राथमिकता राज्यव्यापी आशीर्वाद यात्रा है’’.

हालांकि उन्होंने लालू प्रसाद द्वारा दिये गये इस सुझाव कि उन्हें उनके पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ मिलकर काम करना चाहिए, के बारे में पूछे गए सवालों को टाल दिया. लालू स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और जो कुछ समय पहले जेल से रिहा हुए थे. तेजस्वी प्रसाद अपने पिता की अनुपस्थिति में राजद के अगुआ के रूप में उभरे हैं.

शरद यादव से मुलाकात के बाद राजद नेता ने संवाददाताओं से कहा कि समाजवादी नेताओं–शरद यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी खुद की अनुपस्थिति के कारण संसद में जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हो रही है. राजद प्रमुख के साथ पार्टी सांसद प्रेमचंद गुप्ता और मीसा भारती भी थे.