पटना: बिहार पुलिस अब महिला अपराध के प्रति गंभीर और संजीदा प्रयास में जुटी है. पुलिस मुख्यालय अब महिलाओं के शिकायत दर्ज कराने के लिए थाना की सीमाओं को समाप्त करने पर विचार कर रही है, जिससे महिला किसी भी थानों में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी और फिर उस थाना के अधिकारियों को जिम्मेदारी होगी कि वह उस मामले को संबंधित थाना क्षेत्र में भेज सके.

पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध पर लगाम कसने के लिए घटनाओं के बेहतर अनुसंधान और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मानक जांच प्रक्रिया तैयार की है, जिसमें महिलाओं की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक दर्ज करने और आरोपियों को शिकंजे में कसने की कारगर पहल की जा सकती है.

आमतौर पर शिकायत रहती है कि पीड़ित महिलाएं अपने बयान में कहती कुछ और हैं और पुलिस मामल दर्ज कुछ और कर लेता है, जिससे आरोपियों को फायदा मिल जाता है और वे आसानी से बच जाते हैं. उन्होंने कहा कि महिलाएं अब किसी भी थाना में अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगी. महिलाओं के लिए थानाओं की सीमा समाप्त की जाएगी.

पुलिस मुख्यालय इस मानक जांच प्रक्रिया में महिलाओं को अपने बयान दर्ज करने के लिए थाना नहीं आने के लिए बाध्य नहीं करने को भी शामिल किया है. इसमें पुलिस अधिकारियों (जांच पुलिस अधिकारी) को महिलाओं के पास सादे लिबास में जाना हो, जहां उससे बयान लिया जा सकेगा. ऐसे में महिला के अभिभावक या सामाजिक कार्यकर्ता के सामने रखना भी अनिवार्य किया गया है.

इधर, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस महिलाओं के किसी भी शिकायत पर संजीदगी से काम करती है, इसे और प्रभावी बनाने के लिए योजना बनाई गई है, जिसे जल्द ही अमल में लाया जा सकेगा.