नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि वित्तवर्ष 2020-21 में कृषि ऋण का लक्ष्य 15 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. उन्होंने कहा कि कृषि ऋण को दोबारा वित्तपोषित करने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) योजना का विस्तार किया जाएगा. वित्तमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में तेजी काम कर रही है. Also Read - Petrol-diesel price: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने पर विचार कर रही सरकार, ईंधन के दाम जल्द घटने के आसार!

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट 2020-21 संसद में पेश करते हुए कहा कि फसल बीमा योजना के तहत 6.11 करोड़ किसानों ने बीमा करवाया. साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि बाजार का उदारीकरण करने की जरूरत है. वित्तमंत्री ने शनिवार को लोकसभा में आम बजट 2020-21 पेश करते हुए इस बाबत की घोषणा की. Also Read - Indian Railway Alert: यात्रियों को मिली बड़ी राहत, रेलवे ने फिर शुरू की ये सुविधा, कतार से मिलेगी निजात

सरकार 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में मदद करेगी
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट पेश करते हुए कहा कि कुसुम योजना के जरिए किसानों के पंप को सोलर पंप से जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस योजना से सरकार 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए मदद करेगी. इसके अलावा 15 लाख किसानों के ग्रिड पंप को भी सोलर से जोड़ा जाएगा. Also Read - Private Banks Can Get Govt Business: अब कर संग्रह, पेंशन भुगतान और लघु बचत योजनाओं जैसे काम भी करेंगे निजी बैंक

पानी के लिए 100 जिलों में योजना चलाई जाएंगी : सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट पेश करते हुए कहा कि जिन 100 जिलों में पानी की किल्लत है, वहां पानी की व्यवस्था के लिए बड़ी योजना चलाई जाएगी, ताकि किसानों को पानी की दिक्कत न आए.

किसानों के लिए बजट: एक नजर में

  • अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने का काम करेंगे
  • 20 लाख किसानों के लिए सोलर पंप लगाने की योजना
  • केमिकल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल सीमित करने पर जोर रहेगा
  • केमिकल फर्टिलाइजर के अन्य विकल्प की तलाश करेंगे
  • साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य
  • किसानों के लिए 16-सूत्रीय प्लान
  • 6.11 करोड़ किसानों के लिए बीमा योजना
  • पानी की कमी वाले 100 जिलों पर खास ध्यान