Union Budget 2020: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में आम बजट 2020-21 पेश किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि बैंक जमा राशि पर गारंटी बढ़ा दी गई है. बैंक जमा पर गारंटी की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है. सरकार के इस फैसले से अब बैंकों के डूबने पर खाते में चाहे कितनी भी रकम हो पर कम से कम लोगों को 5 लाख रुपये मिलेंगे.Also Read - पंजाब के जरिए पूरे देश को दहलाने की साजिश रच रहा है ISI, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

बता दें कि अभी तक रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, बैंक में उपभोक्ताओं की अधिकतम एक लाख रुपये तक जमा की गारंटी होती है जिसकी जिम्मेदारी डीआईसीजीसी (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ) लेता है. बचत खाता, सावधि जमा (एफडी) या चालू खाता किसी में भी जमा इतनी ही राशि तक की गारंटी होती है. इसमें मूलधन के साथ ब्याज भी शामिल है. डीआईसीजीसी इस राशि की गारंटी लेने के लिए बैंकों से बदले में प्रीमियम वसूलता है. Also Read - पटना: बड़हिया स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन, बिहार में 40 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित

दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत
इससे पहले वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और केंद्र सरकार का कर्ज घटकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 48.7 प्रतिशत पर आ गया है. यह मार्च, 2014 में 52.2 प्रतिशत था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा कि 2014-19 के दौरान औसत वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रही. इस दौरान औसत मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रही. Also Read - बड़ी खबर: केंद्र सरकार एलपीजी गैस सिलेंडर पर 9 करोड़ लाभार्थियों को देगी बड़ी सब्‍सिडी