Union Budget 2020-2021: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को 2020-21 का बजट पेश किया. इस दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर सरकार काम करती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारामण की उनके दूसरे बजट को पेश करने के लिए सराहना की और इसे ‘विजनरी’ और ‘एक्शन से भरपूर’ बताया. बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:- Also Read - वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह 12 प्रतिशत बढ़कर 10.71 लाख करोड़ रुपये हुआ

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  1. नये आयकर ढांचे का प्रस्ताव. इसका लाभ वे लोग ले सकेंगे जो छूट और कटौती लाभ छोड़ेंगे.
  2. नये कर ढांचे में 5 से 7.5 लाख पर 10 प्रतिशत कर, 7.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत, 10 ये 12.5 लाख रुपये पर 20 प्रतिशत, 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये पर 25 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर का प्रस्ताव.
  3. पांच लाख रुपये तक की आय पर कर छूट बनी रहेगी.
  4. बैंकों में जमा पर मिलने वाला बीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया.
  5. कंपनियों पर लगने वाला लाभांश वितरण कर समाप्त, अब जिसे लाभांश मिलेगा, उसे आयकर स्लैब के अनुसार कर देना होगा.
  6. सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम में कुछ हिस्सेदारी आईपीओ के जरिये बेचेगी.
  7. सरकार की आईडीबीआई बैंक में शेष हिस्सेदारी निजी, खुदरा और संस्थागत निवेशकों को शेयर बाजारों के जरिये बेचने का प्रस्ताव.
  8. वित्त वर्ष 2019-20 में राजकोषीय घाटा बढ़कर 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान. पूर्व में इसके 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान था.
  9. वित्त वर्ष 2020-21 में बाजार उधारी 5.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान.
  10. वित्त वर्ष 2020-21 के लिये विनिवेश से 2.10 लाख करेाड़ रुपये प्राप्त करने का लक्ष्य. मौजूदा वित्त वर्ष में संशोधित विनिवेश लक्ष्य 1.05 लाख से घटाकर 65,000 करोड़ रुपये किया गया.
  11. बाजार दर पर आधारित 10 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के तहत 2020-21 में कुल प्राप्ति 22.46 लाख करोड़ रुपये, कुल व्यय 30.42 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान.
  12. आधार के साथ पैन कार्ड का आबंटन तुरंत होगा.
  13. भारत पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था. वर्ष 2014-2019 के दौरान 284 अरब एफडीआई प्रवाह.
  14. केंद्र सरकार का कर्ज मार्च 2019 में घटकर जीडीपी का 48.7 प्रतिशत रहा जो मार्च 2014 में 52.2 प्रतिशत था.
  15. रक्षा व्यय के लिये 2020-21 में 3.23 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान. चालू वित्त वर्ष में यह 3.16 लाख करोड़ रुपये रखा गया था.
  16. कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिये रेलवे पीपीपी मॉडल के तहत किसान रेल की शुरुआत करेगा. …नागर विमानन मंत्रालय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर कृषि उड़ान शुरू करेगा. …वित्त वर्ष 2020- 21 में कृषि कर्ज के लिये 15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य.
  17. आयुष्मान भारत के तहत पीपीपी माडॅल में अस्पताल स्थापित करने को व्यवहारिक बनाने के लिये वित्त पोषण.
  18. स्वास्थ्य क्षेत्र और स्वच्छ भारत के लिये 2020-21 में क्रमश: 69,000 करोड़ रुपये और 12,300 करोड़ रुपये का प्रावधान. …नई शिक्षा नीति जल्द लायी जाएगी.
  19. शिक्षा क्षेत्र के लिये 2020-21 में 99,300 करोड़ रुपये का प्रावधान. कौशल विकास के लिये 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था.
  20. निवेश मंजूरी प्रकोष्ठ बनाने का प्रस्ताव. यह निवेश पूर्व परामर्श, भूमि बैंक के बारे में सूचना तथा केंद्र एवं राज्य स्तर पर मंजूरी को सुगम बनाएगा.
  21. नेशनल लॉजिस्टिक नीति जल्द लायी जाएगी. …दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को 2023 तक पूरा किया जाएगा. चेन्नई बेंगलुरूर एक्सप्रेसवे पर काम शुरू होगा.
  22. तेजस की तरह और रेल गाड़ियां शुरू की जाएगी.
  23. परिवहन सुविधाओं के लिये 2020-21 में 1.70 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान.
  24. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में परंपरागत मीटरों को अगले तीन साल में स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदला जाएगा. इससे ग्राहकों को बिजली आपूर्तिकर्ता चुनने की आजादी मिलेगी.
  25. बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिये 22,000 करोड़ रुपये का प्रावधान.
  26. नेशनल गैस ग्रिड को मौजूदा 16,00 किलोमीटर से बढ़ाकर 27,000 किलोमीटर करने का प्रस्ताव.

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