नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचा के विकास पर पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी और इससे देश की अर्थव्यवस्था का आकार करीब दोगुना कर 5,000 अरब डॉलर (5 ट्रिलियन डॉलर) पहुंचाने में मदद मिलेगी. मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भारत को कारोबार सुगमता की रैंकिंग में 50 शीर्ष देशों की सूची में शामिल करने के लिए निरंतर सुधारों को आगे बढ़ाया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा अगले पांच साल में देश की अर्थव्यवस्था का आकार करीब दोगुना कर 5,000 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है. कुछ के लिये यह मुश्किल लगता है. लेकिन हमने पिछले पांच साल (भाजपा शासन) में (वार्षिक जीडीपी में) 1,000 अरब डॉलर जोड़ा जबकि पिछले 70 साल में 2,000 अरब डालर जोड़ा गया. इसको देखते हुए यह लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं है.’’ मोदी ने कहा कि उनकी सरकार को भारी जनादेश मिला है जिससे राजनीतिक स्थिरता आयी है. इसके साथ भेरासेमंद नीति भारत की वृद्धि के लिये एक बेहतर अवसर प्रदान करती है. उन्होंने कहा, ‘‘देश को यह अवसर नहीं गंवाना चाहिए.’’

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार महंगाई दर को काबू में रखते हुए उच्च आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर रही है. उन्होंने आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता (आईबीसी) जैसे सुधारों का जिक्र किया. मोदी ने कहा कि सरकार आधुनिक हवाईअड्डा, राजमार्ग, रेलवे, अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण में 100 लाख करेाड़ रुपये निवेश करेगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतियों में निर्णय लेने में देरी का दौर खत्म हो चुका है और उनकी सरकार नीति आधारित संचालन व्यवस्था दे रही है. इसके कारण कारोबार सुगमता के मामले में देश विश्वबैंक की 190 देशों की रैंकिंग में इस साल 77वें स्थान पर आया है जबकि 2014 में हम 142वें स्थान पर थे. उन्होंने कहा कि सुधारों को आगे बढ़ाया जाएगा और प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाएगा. उन्होंने कहा,‘‘हमारा लक्ष्य कारोबार सुगमता की रैंकिंग में शीर्ष 50 देशों की सूची में आना है.’’