नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए साल के अंत में इससे अच्छी खबर नहीं हो सकती कि सरकार ने उनकी वेतन संशोधन, पेंशन संबंधी कई मांगें मान ली हैं. दरअसल, केंद्र सरकार ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के कर्मचारियों की वर्षों पुरानी मांग मान ली है. इस बाबत बीते 13 दिसंबर को सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है. हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनए की खबर के मुताबिक, ऑल यूनियंस एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल (AUAB) ने बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) और संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के बीच हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. सरकार के इस फैसले से BSNL के देशभर में फैले कार्यालयों में काम करने वाले सैकड़ों-हजारों कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) का लाभ मिलने लगेगा.

केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकती है खुशखबरी, बढ़ सकता है महंगाई भत्ता

संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय को पहले ही पत्र लिख चुका है. इस पत्र में विभाग ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है, ताकि वेतन संशोधन संबंधी सारी समस्याओं का समाधान हो सके. साथ ही यह मामला हमेशा के लिए सुलझ जाए. मंत्री ने कहा कि हम वित्त मंत्रालय से सकारात्मक जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का अंत हो जाए. सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, दूरसंचार विभाग इस बात पर सहमत हो गया है कि बीएसएनएल के मौजूदा कर्मचारियों के वेतन संशोधन और सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन संबंधी मांगों को अलग-अलग किया जाए. AUAB इस बात पर सहमत हुआ कि वेतन संशोधन और पेंशन में बदलाव, बीएसएनएल की मौजूदा हालत को देखते हुए संभव नहीं है. बहरहाल, पे-रिवीजन की मांग माने जाने के बाद कर्मचारियों को 15 प्रतिशत फिटमेंट का लाभा मिलेगा.

इससे पहले वेतन संशोधन की मांग को लेकर बीएसएनएल के कर्मचारी 10 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल पर जाने वाले थे. कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर संचार राज्यमंत्री के साथ इस मामले को लेकर बैठक नहीं हुई तो उनकी हड़ताल होकर रहेगी. लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से पहले विभागीय मंत्री के साथ बैठक हुई और मांगें मान ली गईं. इन मांगों के साथ-साथ बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन दूसरे और तीसरे पे-रिवीजन कमेटी की अनुशंसाओं के तहत वेज-रिवीजन की भी मांग की है.