7th Pay Commission: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने वाली निर्मला सीतारमण को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग (7th Pay commission) की सिफारिशों और कर्मचारियों की बकाया मांगों के बारे में जानकारी दी गई है. वित्त मंत्री आगामी 5 जुलाई को बजट (Budget 2019) पेश करेंगी, जिसे लेकर केंद्रीय कर्मचारियों ने काफी उम्मीदें बांध रखी हैं. केंद्रीय कर्मचारी वेतन आयोग द्वारा मिनिमम सैलरी (Minimum Salary) में की गई बढ़ोतरी को लेकर संतुष्ट नहीं हैं. अभी न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये है, लेकिन केंद्रीय कर्मी इसे 26,000 रुपये किए जाने की मांग कर रहे हैं. इसी तरह फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) में भी 3.68 गुणा तक की बढ़ोतरी की उनकी मांग है.

लोकसभा चुनावों से पहले इस मसले पर केंद्र सरकार वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह-मशविरा कर रही थी, लेकिन चुनावों की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद यह ठंडे बस्ते में पड़ गया था. अब दूसरी बार मोदी सरकार की शानदार जीत के साथ सत्ता में लौटने के बाद ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस मुद्दे पर बातचीत फिर से शुरू हो सकती है. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने में अभी वक्त लग सकता है और यदि सरकार कुछ फौरी राहत के बारे में फैसला लेती है, तो वेतन में मामूली बढ़ोतरी की ही गुंजाइश हो सकती है.

इस बीच कुछ केंद्रीय कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी भी सामने आई है. सरकार ने नौकरी के दौरान उच्च शैक्षणिक डिग्री हासिल करने वाले कर्मचारियों के लिए इंसेंटिव में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. पीएचडी हासिल करने वाले कर्मियों को एकमुश्त 30,000 रुपये, पीजी डिग्री के लिए 25,000 और एक साल से कम अवधि की डिप्लोमा डिग्री पाने वालों को 20,000 रुपये बतौर इंसेंटिव दिए जाएंगे. तीन साल से अधिक अवधि की डिग्री या डिप्लोमा करने वाले को 15000, जबकि तीन साल या इससे कम अवधि की डिग्री और डिप्लोमा हासिल करने वालों को 10 हजार रुपए इंसेंटिव मिलेगा.

उधर, लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही मध्य प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों-अधिकारियों और पेंशनर्स को कमलनाथ सरकार ने तोहफा दिया है. उन्होंने सभी सरकारी कर्मचारियों, अफसरों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते यानी DA (Dearness Allowance) में बढ़ोतरी कर दी है. सरकार ने राज्य के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया है. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई इस बढ़ोतरी का लाभ इन कर्मचारियों को वेतन-वृद्धि के रूप में मिलेगा.