7th Pay Commission: पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खजाना खोल दिया है. सरकार ने 30 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनधारियों को पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट यानी सेवानिवृत्ति लाभ देने को लेकर असंजस को दूर कर दिया है. अगर आप या आपके परिचित केंद्र सरकार के वर्तमान या रिटायर्ड कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपको बड़ी राहत देने वाली है. मोदी सरकार के इस फैसले से लाखों कर्मियों और पेंशनधारियों को अब सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत सेवानिवृत्ति लाभ मिलेगा.

सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को लेकर लिए गए इस निर्णय से न सिर्फ केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनधारियों को लाभ होगा, बल्कि अखिल भारतीय सेवा के तहत सरकारी नौकरी पाने वालों को भी फायदा पहुंचेगा. इस फैसले से सेना और अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी. केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार, ताजा फैसले का लाभ उन कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मिलेगा, जो 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए हैं. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने से अब इन कर्मियों के मासिक पेंशन में बढ़ोतरी हो जाएगी.

अंग्रेजी वेबसाइट बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आपको बता दें कि केंद्र सरकार समेत कई राज्यों की सरकारों ने भी सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय सेवा में जहां इस आयोग की सिफारिशों पूरी तरह से लागू हो चुकी हैं, वहीं राज्यों में बारी-बारी से विभिन्न सेवाओं में सिफारिशों को लागू किया जा रहा है. सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए करने की सिफारिश की गई है. पहले न्यूनतम वेतन 7 हजार रुपए था. यानी कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों की मासिक सैलरी में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है. वहीं, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें केंद्र सरकार की सेवा से रिटायर पेंशनधारियों के लिए भी लागू की गई हैं. इसके तहत पेंशन राशि में 2.57 गुना की बढ़ोतरी की गई है.

पेंशन एवं पेंशनर्स वेलफेयर डिपार्टमेंट द्वारा जारी सूचना के मुताबिक पांचवें वेतन आयोग के तहत जहां न्यूनतम पेंशन राशि 1275 रुपए तय की गई थी, वहीं सातवें वेतन आयोग ने इसमें दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी की सिफारिश की है. इसके तहत सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) ने केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन की राशि 3500 रुपए निर्धारित की है. हालांकि यह गौरतलब है कि 31 दिसंबर 2003 को या इससे पहले केंद्र सरकार की सेवा में आए कर्मचारियों को ही पेंशन के लिए पात्र माना जाता है. इसमें शर्त यह भी है कि कर्मचारी को न्यूनतम 10 साल की सेवा की अवधि पूरी करनी होगी.