
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में इजाफे के लिए हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन होता है. इस आयोग का काम केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और बाकी बेनिफिट में महंगाई दर के हिसाब से बदलाव करना होता है. सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सभी शर्तों को मंजूरी दे दी थी. इसके लिए कमीशन बन चुकी है, जो अगले 18 महीने के अंदर अपनी सिफारिशें देगा.
8वें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का ऐलान अभी नहीं हुआ है. पुराने वेतन आयोग के लागू होने की टाइमिंग को देखकर माना जा रहा है कि ये 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है. ऐसे कई कर्मचारी होंगे, जो इस साल की आखिरी हफ्ते यानी 30 या 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन रिटायर होने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी 8वें वेतन आयोग का फायदा मिलेगा? आइए समझते हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन पर क्या और कितना असर पड़ेगा? आखिरकार उनकी जेब में कितने रुपये आएंगे:-
कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
वेतन आयोग 10 साल के लिए होता है. अभी 1 जनवरी 2016 से देश में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हैं. ऐसे में 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होना चाहिए. वैसे हर वेतन आयोग को सेटअप होने से लेकर लागू होने तक कम से कम दो से तीन साल लग जाते हैं. 7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में ये बना था. मार्च 2014 तक नियम और सिफारिशें फाइनल हो पाईं. रिपोर्ट नवंबर 2015 में सौंपी गई. फिर जून 2016 में सरकार ने अप्रूव किया. इसके बाद 1 जनवरी 2016 से लागू हो गईं. ऐसे में बहुत मुमकिन हो कि 8वें वेतन आयोग में 2028 तक का समय लग जाए.
2025 में रिटायर हो चुके या होने वाले कर्मचारियों का क्या होगा?
जो भी सरकारी कर्मचारी 2025 में रिटायर हो चुके हैं या आने वाले कुछ दिनों में रिटायर होंगे, उन्हें भी 8वें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा. हालांकि, ये बेनिफिट सैलरी के तौर पर नहीं मिलेगा, बल्कि पेंशन के रूप में मिलेगा. 8वें वेतन के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन दोनों में बढ़ोतरी होगी. ऐसे में अगर कोई केंद्रीय कर्मचारी इस साल रिटायर हो चुके हैं, तो 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद आपकी पेंशन बढ़ जाएगी.
8वें वेतन आयोग से पेंशन पर क्या और कितना फर्क आएगा?
मान लिया जाए कि आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2027 से लागू होता है, तो ऐसे में पूरे 12 महीने की पेंशन कैल्कुलेट होगी. इस केस में नया वेतन और पुराना वेतन दोनों के अंतर को 12 से मल्टीप्लाई किया जाएगा.
रिटायर हो रहे कर्मचारियों का कोई एरियर नहीं बनेगा?
भले ही 8वां वेतन आयोग पूरी तरह से 2028 से लागू हो, लेकिन 2026 से और लागू होने के बीच का जो पीरिएड होगा, उसका एरियर बनेगा. यानी अगर आप 2025 में रिटायर होते हैं और 2028 में 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो 3 साल का एरियर आपके खाते में आएगा. जिस अनुपात में आपकी पेंशन बढ़ेगी उसी अनुपात में आपको एरियर मिलेगा. और सरकार सीधे आपके खाते में एरियर का पैसा भेजेगी.
सैलरी हाइक कब से काउंट होगी?
चूंकि 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 में लागू हुआ था. ऐसे में 8वें वेतन आयोग का इफेक्टिव डेट भी 1 जनवरी 2026 से तय है. यानी भले ही 8वें वेतन आयोग को पूरी तरह से लागू होने में 2 साल और लग जाए, लेकिन सैलरी और पेंशन की बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से ही काउंट होगी.
8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA का क्या होगा?
नए वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता (DA) बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही कैलकुलेट किया जाता रहेगा. इसे हर 6 महीने में जनवरी और जुलाई में रिवाइज किया जाता है. इसका मतलब है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मिलता रहेगा. आयोग आने पर मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा. यानी अभी जो 58% DA मिल रहा है वो जीरो हो जाएगा.
वेतन आयोग के साथ-साथ फिटमेंट फैक्टर का जिक्र क्यों होता है?
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर टूल होता है. इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों की रिवाइज सैलरी को कैल्कुलेट किया जाता है. फिटमेंट फैक्टर से नई सैलरी कैल्कुलेट करने का फॉर्मूला बड़ा सिंपल है. नई सैलरी= बेसिक सैलरी x फिटमेंट फैक्टर.
8वें वेतन आयोग में कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर?
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई चर्चाएं हो रही हैं. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 1.8 से लेकर 2.86 तक हो सकता है. अगर फिटमेंट फैक्टर 1.8 तय होता है, तो मिनिमम बेसिक सैलरी 32,400 रुपये और मिनिमम पेंशन 16,200 रुपये हो सकती है.
FAQs
पहला वेतन आयोग कब बना था?
आम तौर पर हर 10 साल में वेतन आयोग बनाया जाता है. पहला वेतन आयोग 1946 में बना था. तब से लेकर अब तक 7 वेतन आयोग बन चुके हैं.
8वें वेतन आयोग को कब अपनी रिपोर्ट देनी होगी?
8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सरकार को 18 महीने के भीतर सौंपनी होगी. यह एक तय समय सीमा है. हालांकि, अगर किसी खास पॉइंट पर तत्काल सिफारिशों की जरूरत पड़ती है, तो आयोग अंतरिम रिपोर्ट भी भेज सकता है.
8वें वेतन आयोग के सदस्य कौन-कौन हैं?
8वें वेतन आयोग में 3 सदस्य शामिल किए गए हैं. वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का चेयरपर्सन बनाया गया है. IIM बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष पार्ट-टाइम मेंबर और पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस के वर्तमान सेक्रेटरी पंकज जैन 8वें वेतन आयोग के मेंबर-सेक्रेटरी होंगे.
कितने कर्मचारियों और पेंशन होल्डर को इसका फायदा होगा?
8वें वेतन आयोग से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनहोल्डर को इसका सीधा फायदा होगा. कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ लोगों की सैलरी और पेंशन रिवाइज होना तय है.
क्या प्राइवेट कर्मचारियों की भी सैलरी बढ़ सकती है?
नहीं, वेतन आयोग सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है. भारत में सरकारी कर्मचारी वे कर्मचारी हैं, जो भारत सरकार के अधीन काम करते हैं. भारत सरकार में करीब 56 मंत्रालय और विभाग हैं. इनमें करीब 4 मिलियन से ज्यादा लोग काम करते हैं. वेतन आयोग इनके लिए है. इसमें राज्य सरकार के कर्मचारियों और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों का कोई मतलब नहीं है.
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