नई दिल्ली| सरकार ने कुछ निश्चित वित्तीय लेनदेन मसलन बैंक खाता खोलने के लिए आधार नंबर और स्थायी खाता संख्या (पैन) देने की 31 दिसंबर की समयसीमा को अगली सूचना तक टाल दिया है. मंगलवार को एक गजट अधिसूचना के जरिये इस समयसीमा को वापस लिया गया है. नई समयसीमा के बारे में बात में सूचित किया जाएगा.Also Read - SBI ने ग्राहकों के लिए जारी किया नया नोटिफिकेशन, अगर ये दस्तावेज़ नहीं, तो नहीं मिलेंगे पैसे, आप भी चेक कर लें डिटेल

गजट में अधिसूचित नए नियम के तहत मनी लांड्रिंग रोधक कानून, 2002 में संशोधन किया गया है. इसमें 31 दिसंबर, 2017 तक आधार और पैन नंबर देने की अनिवार्यता को समाप्त किया गया है. इसमें यह प्रावधान है कि आधार नंबर और पैन नंबर या फॉर्म संख्या 60 को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जाने वाली नई तारीख तक देना होगा. Also Read - Aadhaar Card Update: घर बैठे इन आसान तरीकों से आधार में अपडेट करें मोबाइल नंबर, पता, DOB; जानें आसान तरीका

भारत विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) 12 अंक की बायोमीट्रिक आधार संख्या जारी करता है. वहीं पैन आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है. वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा कल जारी अधिसूचना के तहत बैंक खाता खोलने या अन्य इसी तरह की गतिविधियों के लिए आधार नंबर देने की समयसीमा को टाला गया है.

Income Tax Department raided Bitcoin exchanges across the country | आयकर विभाग ने देशभर में बिटकॉइन एक्सचेंजों में छापेमारी की

Income Tax Department raided Bitcoin exchanges across the country | आयकर विभाग ने देशभर में बिटकॉइन एक्सचेंजों में छापेमारी की

Also Read - PM Jandhan Account: पीएम जनधन खाता खुलवाएं और पाएं 1 लाख 30 हजार रुपये का लाभ, जानिए- क्या है तरीका?

इससे पहले केंद्र ने पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि वह विभिन्न सेवाओं और समाज कल्याण योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को जोड़ने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 मार्च करने की इच्छुक है. सात दिसंबर को पैन को आधार से जोड़ने की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 31 मार्च, 2018 की गई है.

पीएमएलए के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को बैंक खाता खोलने या 50,000 रुपये या उससे अधिक के वित्तीय लेनदेन के लिए आधार, पैन और अन्य आधिकारिक दस्तावेज लेने होते हैं. मंगलवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसे खाते जिनमें अधिसूचित तारीख तक पैन और आधार नंबर नहीं दिया गया है, उनका परिचालन रुक जाएगा.

ग्राहक द्वारा आधार नंबर और पैन नंबर देने के बाद ही ऐसे खातों को चालू किया जाएगा. देश में मनी लांड्रिंग और काले धन के सृजन को रोकने के लिए पीएमएलए एक प्रमुख कानूनी ढांचा है.