नई दिल्ली: देश में आधार को लिंक कराने और इसकी विश्‍वसनीयता और उपयोगिता को लेकर जहां देश में कई जगह तर्क वितर्क किए जा रहे हैं, वहीं इसे लेकर एक अच्‍छा खबर सामने आई है. देशभर में सब्सिडी के भुगतान को आधार से जोड़ने से कई ‘फर्जी खातों’ का पता चला है और 150 करोड़ रुपए से अधिक बचाए जा सके. खादी एवं ग्रामीण उद्योग विकास निगम (केवीआईसी) ने आधार को लिंक करारने से दो साल में करीब 150 करोड़ रुपए बचा लिए हैं. दरअसल आधार लिंक होने से खादी के कारीगरों को होने वाली सब्‍सिडी के भुगतान में करोड़ों का फर्जीवाड़ा रोका जा सका है. Also Read - IT रिटर्न से लेकर बैंक अकाउंट-मोबाइल सिम तक, Aadhaar पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 15 बड़ी बातें

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खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग ने मंगलवार को आधार से हुए बोर्ड के फायदे की जानकारी दी है. आयोग ने बयान जारी कर बताया कि देशभर में खादी के कारीगरों को होने वाले सब्सिडी के भुगतान को आधार से जोड़ने से कई फर्जी खातों का पता चला है और 150 करोड़ रुपए से अधिक बचाया जा सका है.  आयोग ने बताया कि खादी के कारीगरों को आधार आधारित सब्सिडी के भुगतान से आयोग ने वित्त वर्ष 15-16 और 16-17 में 153 करोड़ रुपए के राजस्व की बचत की है.

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खादी एवं ग्रामीण उद्योग विकास आयोग ने बताया कि संस्‍था ने कारीगरों के रिकॉर्ड से आधार को जोड़ दिया. इससे यह फायदा हुआ है कि लगभग 503 संस्थानों ने फर्जी कारीगरों के लिए सब्सिडी का दावा बंद कर दिया है. (इनपुट:एजेंसी)

 

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