Aam Budget 2020: देश का आम बजट (Aam Budget 2020) 1 फरवरी को पेश होने वाला है. बजट सत्र से पहले कुछ परंपराएं होती हैं जिन्हें सरकारें निभाती हैं. इस परंपरा का अहम हिस्सा है ‘हलवा सेरेमनी’ (Halwa Ceremony) . देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) इस सेरेमनी की अगुवाई करेंगे. बजट सत्र (Union Budget 2020) में कागजों की छपाई से पहले इस प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान वित्त मंत्रियों द्वारा ‘हलवा समारोह’ का अवलोकन किया जाएगा बजट से जुड़े लोगों को हलवा खिलाया जाएगा.

बजट सत्र से 10 दिन पहले बजट (Budget 2020) से संबंधित दस्तावेजों की प्रिटिंग शुरु की जाती है. इस दौरान हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता है. बड़े बर्तन में हलवा पकाया जाता है और बजट से जुड़े अधिकारियों को वितरित किया जाता है. इस दौरान बजट से जुड़े अधिकारियों को नार्थ ब्लॉक (वित्त मंत्रालय) में बंद कर दिया जाता है. बाहरी दुनिया से कुछ दिनों के लिए उनका संपर्क कट जाता है. इस दौरान किसी तरह की धांधली से बचने के लिए वित्त मंत्रालय के अंदर मोबाइल फोन व सिग्नल जैमर को इंस्टॉल कर दिया जाता है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बजट से जुड़ी किसी तरह की जानकारी बाहर लीक न हो सके.

संभावना जताई जा रही है कि 1 फरवरी 2020 को निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी. बीते साल निर्मला सीतारमण ने बजट ब्रीफकेस को बदल दिया था. इसके जगह उन्होंने लाल रंग के कपड़े से बने थैले का इस्तेमाल किया था. इस थैले को भारतीय परंपरा के अनुसार बही-खाता नाम दिया गया था. बता दें कि बजट शब्द की उत्पत्ति फ्रांसीसी शब्द बौगेट से हुई है जिसका अर्थ चमड़े का थैला होता है। यह चमड़े का बैग लाल, भूरा या काले रंग का होता है. इसी बैग में बजट संबंधित दस्तावेजों को ले जाया जाता है.