अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनोमिक जोन (APSEZ) ने बताया कि उसने 705 करोड़ रुपये में दिघी पोर्ट का अधिग्रहण पूरा कर लिया है. इसके साथ कंपनी ने बताया कि वह इसे JNPT को वैकल्पिक गेटवे के तौर पर विकसित करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगी. JNPT भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट है और देश के 12 बड़े बंदरगाहों में से एक है. Also Read - इस क्रिकेट टूर्नामेंट में 'मैन ऑफ द मैच' विजेता को क्यों दी गई 2.5 किलो की मछली, जानिए वजह

APSEZ ने एक बयान में कहा कि APSEZ ने 15 फरवरी 2021 को 705 करोड़ रुपये में DPL का 100 फीसदी अधिग्रहण पूरा कर लिया है.

DPL APSEZ के भारत के पूर्वी और पश्चिमी तट में मौजूद आर्थिक गेटवे में शामिल है, जो कंपनी की महाराष्ट्र में मौजूदगी को स्थापित करेगा. यह भारत की जीडीपी में सबसे ज्यादा योगदान देता है. इसमें कहा गया है कि इससे APSEZ को महाराष्ट्र में ग्राहकों की सेवा करने में मदद मिलेगी जिसमें बड़े औद्योगिक क्षेत्र और मुंबई और पुणे क्षेत्रों में विकास शामिल है.

APSEZ की बंदरगाह को को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मल्टी कार्गो पोर्ट में विकसित करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने की योजना है. इसके साथ वह आसान और बेहतर कार्गो मूवमेंट के लिए रेल और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में भी निवेश करेगी.

कंपनी मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत और मरम्मत करेगी और ड्राई, कंटेनर और लिक्विड कार्गो के लिए सुविधाओं के विकास में निवेश करेगी. DPL JNPT में वैकल्पिक गेटवे के तौर पर विकसित होगा और बंदरगाह की जमीन पर पोर्ट आधारित उद्योगों के विकास को आमंत्रित और सपोर्ट करेगा.

रेजोल्यूशन प्लान की शर्तों और जरूरतों के मुताबिक, महाराष्ट्र मारिटाइम बोर्ड और APSEZ से कंसेशन राइट्स के ट्रांसफर को भी मंजूरी मिल गई है, जिसने फाइनेंशियल क्रेडिटर्स, MMB के बकाया और दूसरे लागत और क्लेम का सेटलमेंट कर दिया है.

APSEZ के होल टाइम डायरेक्टर और सीईओ करन अडानी ने कहा कि DPL के सफल अधिग्रहण ने अडानी पोर्ट के बंदरगाहों को बनाने के लक्ष्य में एक अन्य कीर्तिमान जोड़ा है, जिससे भारत के पूरे आर्थिक क्षेत्र में सर्विस कवरेज बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि कंपनी के ग्रोथ पर फोकस, अनुभव और अधिग्रहण करने की निपुणता के साथ, उन्हें DPL को शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यू वाला बनाने का विश्वास है.

(PTI)