आज हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां लोगों की आमदनी बेशक बढ़ी है, लेकिन खर्च की कोई सीमा नहीं है. अगर हम अपनी आज की तनख्वाह की तुलना अपने माता-पिता के दौर की तनख्वाह से करें, तो निश्चित रूप से यह काफी ज्यादा है. लेकिन इसी के साथ यह बात भी गौर करने की है, उस समय के मुकाबले आज जीवन-यापन का खर्च भी बेहिसाब बढ़ा है. हालत यह है कि सभी ज़रूरी खर्चों, ज़िम्मेवारियों को उठाने और छोटी-मोटी बचत को अलग कर लिया जाए, तो सैलरी हमेशा कम पड़ जाती है. ऐसी स्थिति में यदि थोड़ी-बहुत आमदनी भी वैकल्पिक स्‍त्रोतों से हो जाए तो सुकून का अहसास होता है और सुरक्षा की भावना जागती है.

जीवन में आर्थिक स्थायित्व के लिए सबसे प्रभावी तरीका ठीक-ठाक इंवेस्टमेंट करना है, जो लंबे समय तक नियमित रिटर्न दे सके. इंवेस्टमेंट कम उम्र में शुरू करना अच्छा होता है, क्योंकि इससे लंबी अवधि में अच्‍छी-खासी रकम जमा हो जाती है. इंवेस्टमेंट के विकल्‍पों में बीमा लेना सबसे समझदारी भरा वित्तीय फैसला होता है. यह आपके भविष्य को सुरक्षित करता है और कई चिंताओं से मुक्त करता है. कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे पता चलता है कि आखिर क्यों जितनी ज़ल्दी हो सके, बीमा ले लेना चाहिए.

अपने करीबियों को सुरक्षा देनाः मौत जीवन की अंतिम सच्चाई है. जीवन बीमा यह सुनिश्चित करता है कि आप पर निर्भर रहने वालों को कभी भी पैसों के लिए मोहताज न होना पड़े.

कर्ज से आज़ादीः यह हो सकता है कि आपके न रहने पर आपके वित्तीय दायित्वों को आप पर निर्भर लोगों को पूरा करना पड़े. इसमें जीवन बीमा उनकी सहायता करता है.

भविष्य में स्थायित्व की गारंटीः जीवन में लगातार कड़ी मेहनत करने के बाद आप रिटायरमेंट के बाद के वर्षों को बेफिक्र होकर बिताना चाहते हैं. इसको हासिल करने में बीमा सहायक होता है.

टैक्स में बचतः बीमा पॉलिसी के लिए भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम पर आयकर कानून की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है. इसके अलावा आयकर कानून की धारा 10 (डी) के तहत मौत/मैच्युरिटी पर मिलने वाली रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता. मतलब यह कि बीमा भविष्य को सुरक्षित बनाने के साथ पैसे की बचत भी करता है.

बचत की आदत बनती हैः अपने माता-पिता की पीढ़ी की तुलना में, मिलेनियल्स(जिनका जन्म 1982-2004 के बीच हुआ है) बहुत ख़र्चीले हैं. दूसरे शब्दों में, वे अपने खर्चों को ऑर्गनाइज़ नही रखते और ज़रूरत से अधिक खर्चा करते हैं.ऐसे में बीमा पैसों की बचत की एक अच्छी आदत डालता है.

बीमा खरीदने के कई अन्य कारण भी हैं. वैसे बीमा खरीदने में आने वाली जटिलता को लेकर लोगों की शिकायतें होती हैं. ठगने वाले बीमा एजेंटों की भरमार और भारी-भरकम पेपर वर्क से कई लोग बीमा पॉलिसी खरीदने से हिचक सकते हैं.

अच्‍छी बात यह है कि आज सभी तरह के बीमा ऑनलाइन उपलब्ध हैं. एचडीएफसी लाइफ (HDFC Life) जैसी कंपनियां इस तरह की कई वित्तीय सेवाएं दे रही हैं. एचडीएफसी लाइफ के ऑनलाइन बीमा के लिए साइन-इन करने से पेपर वर्क के बोझ से बचा जा सकेगा और पूरी प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी. इसके अलावा आप यहां विस्तृत रिसर्च कर सकते हैं और अलग-अलग पॉलिसियों के बीच तुलना कर सकते हैं.

इन सारी जानकारियों के आधार पर आप अपनी जरूरत के हिसाब से उपयुक्त बीमा पॉलिसी चुन सकते हैं. ऑनलाइन बीमा खरीदने की सुविधा युवा पीढ़ी के लिए काफी सहज है. इन सारी बातों के मद्देनजर वित्तीय समृद्धि और आत्म-निर्भरता के सबसे अच्छे विकल्प के रूप में बीमा पॉलिसी खरीदने से हिचकने का कोई कारण नहीं दिखता है.

*यह प्रायोजित (Sponsored) लेख है.