मुंबई: स्पाइसजेट ने 50,000 रुपये से अधिक का वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बारी-बारी से अवकाश पर भेजने का फैसला किया है. कोरोना वायरस की वजह देश में तीन मई तक लॉकडाउन है. इस दौरान एयरलाइन कंपनियों की उड़ान सेवाएं भी बंद हैं. खबरों के मुताबिक एयरलाइन में यह व्यवस्था तीन महीने के लिए रहेगी. इसके अलावा एयरलाइन अपने कर्मचारियों को अप्रैल माह के वेतन का भुगतान उनके काम पर आने के दिनों के हिसाब से करेगी. Also Read - पीएम मोदी बोले- भारत ने सबसे पहले लगाया लॉकडाउन इसलिए आ रही करोना के मामलों में कमी

इससे पहले बजट एयरलाइन ने कर्मचारियों को 25 मार्च से 31 मार्च तक बिना वेतन अवकाश पर भेजा था. चूंकि कोरोना वायरस की वजह से लागू बंद के चलते उड़ान सेवाएं स्थगित हैं, इसलिए कई अन्य एयरलाइंस ने भी अपने कर्मचारियों को बिना वेतन अवकाश पर भेजा है. Also Read - कोल्ड चेन की कमी से दुनिया में तीन अरब लोगों तक कोरोना टीका पहुंचने में हो सकती है देर

विमानन कंपनी गो एयर के 5,500 कर्मचारियों में से ज्यादातर तीन मई तक बिना वेतन के अवकाश पर रहेंगे. कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये जारी ‘लॉकडाउन’ की अवधि बढ़ाये जाने के कारण कंपनी के सभी विमान खड़े हैं. वाडिया समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने इससे पहले, मार्च में अपने कर्मचारियों से बारी-बारी से बिना वेतन के अवकाश पर जाने को कहा था. साथ ही उनके वेतन में कटौती की घोषणा की थी. Also Read - कोरोना को मात देने के बाद जेनेलिया ने संक्रमण से बचने का बताया एकमात्र तरीका, कहा- अब मुश्किल...

राष्ट्रव्यापी बंद की वजह से एयरलाइंस की वाणिज्यिक उड़ानें 25 मार्च से बंद हैं. पहले राष्ट्रव्यापी बंद 14 अप्रैल तक था, जिसके बढ़ाकर तीन मई कर दिया गया.