सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अडानी की कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल, जानें- क्या है पूरा मामला?

अडानी ग्रुप की कंपनियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में SIT गठित करने को लेकर जो अपील की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने उस अपील को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने SEBI से ही जांच कराने के लिए कहा है.

Updated: January 3, 2024, 1:32 PM IST

Adani-Hindenburg Saga: हिंडनबर्ग विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल आया. अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरो में 10 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अडानी समूह के खिलाफ आरोपों की विशेष जांच दल (SIT) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच का आदेश देने का कोई आधार नहीं है. न्यायालय ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) अपनी जांच तीन माह में पूरी करे.

इस फैसले के बाद BSE पर अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर 17.83 प्रतिशत चढ़ गया. एनडीटीवी में 11.39 प्रतिशत, अडानी टोटल गैस में 9.99 प्रतिशत, अडानी ग्रीन एनर्जी में 9.13 प्रतिशत और अडानी एंटरप्राइजेज में 9.11 प्रतिशत का उछाल आया.

अडानी विल्मर का शेयर 8.52 प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स प्रतिशत, अडानी पावर 4.99 प्रतिशत, अंबुजा सीमेंट्स 3.46 प्रतिशत और एसीसी 2.96 प्रतिशत के लाभ के साथ कारोबार कर रहे थे.

समूह की दो कंपनियों – अडानी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट्स के शेयर सुबह के कारोबार में अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए.

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सुबह के कारोबार में 319.47 अंक के नुकसान के साथ 71,544.60 अंक पर और निफ्टी 104.30 अंक टूटकर 21,561.50 अंक पर कारोबार कर रहा था.

क्या है मामला?

अमेरिकी फाइनेंशियल रीसर्च कंपनी और ‘शॉर्ट सेलर’ हिंडनबर्ग रीसर्च की रिपोर्ट के बाद अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कंपनियों के मार्केट वैल्यूएशन में अरबों डॉलर का नुकसान हुआ. रिपोर्ट में गौतम अडानी की अगुवाई वाले समूह पर ट्रांजैक्शन फ्रॉड में शामिल होने और शेयर कीमतों में गड़बड़ी के आरोप लगाये गये. जिसको लेकर अडानी समूह सेबी ने जांच बैठाई. हालांकि, कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसमें यह मांग की गई कि जांच सीबीआई से करवाई जाए. जिसको सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच SEBI ही करेगी. इस मामले को SIT को ट्रांसफर नहीं किया जाएगा. CJI डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने SEBI को बाकी 2 जांच 3 महीने में पूरा करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच नए सिरे से SIT से कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. पेटिशनर्स ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर शेयरों के प्राइस में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए नए सिरे से जांच की मांग की थी.

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