मुंबई: सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया ने अपने यहां की ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों की सोमवार को बैठक बुलाई है. इसमें कंपनी के प्रस्तावित निजीकरण पर विचार किया जाएगा. निजीकरण के प्रयासों का विरोध कर रही यूनियनों का कहना है कि इसके परिणाम ‘बर्बादी भरे’ हो सकते हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय होने जा रहा है जबकि सरकार विमानन सेवा के इस उपक्रम से बाहर निकलने के लिए अगले महीने के शुरू में एक प्रारंभिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) जारी करने वाली है.

यह बैठक दिल्ली में इस एयरलाइन के मुख्यालय पर होगी. जानकारी सूत्रों ने कहा, ‘एयर इंडिया के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने यूनियनों की सोमवार को दिल्ली में बैठक बुलाई गयी है. इसमें निजीकरण के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. इसके लिए पायलटों, इंजीनियरों और अधिकारियों सहित सभी श्रेणी के कर्मियों की यूनियनों को आमंत्रित किया गया है.’

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इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत के अन्य शीर्ष गणमान्य व्यक्तियों की यात्रा के लिये अगले साल जुलाई से इस्तेमाल होने वाले विशेष रूप से निर्मित दो बी777 विमानों का संचालन एयर इंडिया नहीं बल्कि भारतीय वायुसेना के पायलट करेंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

अधिकारी ने कहा कि हालांकि विमानों के रखरखाव का काम एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज़ लिमिटेड (एआईईएसएल) के जिम्मे होगा. फिलहाल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एयर इंडिया के विमान बी747 का इस्तेमाल करते हैं. इन विमानों को एयर इंडिया के पायलट उड़ाते हैं और इनके रखरखाव की जिम्मेदारी एआईईएसएल के जिम्मे है. जब यह बी747 विमान गणमान्य व्यक्तियों के लिये उड़ान नहीं भरते तो एयर इंडिया इनका इस्तेमाल वाणिज्यिक संचालन के लिये करती है.

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