Airtel ने दूरसंचार विभाग को 10 हजार करोड़ रुपए 20 फरवरी तक चुकाने की पेशकश की

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्‍पणी के बाद दूरसंचार विभाग ने सभी दूरसंचार ऑपरेटरों को अपना बकाया चुकाने का निर्देश दिया है

Published: February 14, 2020, 8:16 PM IST

नई दिल्ली: भारती एयरटेल ने शुक्रवार को दूरसंचार विभाग को 10,000 करोड़ रुपए का बकाया 20 फरवरी तक देने, और सुप्रीम कोर्ट में समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) मामले अगली सुनवाई से पहले बाकी बकाया चुकाने की पेशकश की. बता दें कि एयरटेल पर सरकार का करीब 35,586 करोड़ रुपए बकाया है, जिसे 23 जनवरी तक बकाया चुकाना था.

सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद दूरसंचार विभाग ने शुक्रवार को सभी दूरसंचार ऑपरेटरों को दिन के अंत तक अपना बकाया चुकाने का निर्देश दिया है. उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और अन्य कंपनियों के प्रबंध निदेशक ओर निदेशकों से कहा कि वे यह बतायें कि 1.47 लाख करोड़ रुपए के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) देने के उसके आदेश का अनुपालन नहीं करने को लेकर उनके खिलाफ क्यों नहीं अवमानना की कार्रवाई की जाए?

न्यायाधीश अरूण मिश्रा, न्यायाधीश एस अब्दुल नजीर और न्यायाधीश एम आर शाह की पीठ ने आदेश का अनुपालन नहीं होने को लेकर कड़ा रुख अपनाया और दूरसंचार विभाग के एक डेस्क अधिकारी द्वारा जारी आदेश पर नाराजगी जताई. इससे देश के दूरसंचार बाजार में काम कर रही तीन निजी कंपनियों में से वोडाफोन आइडिया के सर्वाधिक प्रभावित होने की आशंका है.

एयरटेल ने दूरसंचार विभाग के सदस्य (वित्त) को भेजे पत्र में कहा, ”माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले और उनके निर्देश के अनुपालन में हम 20 फरवरी 2020 तक भारती समूह की कंपनियों की ओर से 10,000 करोड़ रुपए (खाते में) जमा कर देंगे.

एयरटेल पर सरकार का करीब 35,586 करोड़ रुपए बकाया है, जिसमें लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क शामिल हैं.

पत्र में कहा गया है, आप स्वीकार करेंगे कि यह एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें 22 सर्किल, बहुस्तरीय लाइसेंस हैं… और इसलिए इसमें समय लगता है. शीर्ष न्यायालय के फैसले के अनुसार दूरसंचार कंपनियों को 23 जनवरी तक अपना बकाया चुकाना था.

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने दिन में इस संबंध में सुनवाई करते हुए एजीआर बकाये के भुगतान संबंधी अपने पुराने आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने को लेकर नाराजगी जाहिर की. न्यायालय ने दूरसंचार कंपनियों को झाड़ लगाने के साथ ही दूरसंचार विभाग की भी खिंचाई की.

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