नई दिल्ली: थोक मूल्य आधारित महंगाई दर फरवरी के दौरान उससे पिछले महीने की तुलना में थोड़ी कम रही है. बीते महीने थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई दर 2.48 फीसदी दर्ज की गई, जबकि जनवरी में थोक वस्तुओं की महंगाई दर 2.84 फीसदी थी. वाणिज्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई 5.1 फीसदी थी, इससे पहले सोमवार को जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई, जिसकी वजह खाद्य पदार्थ और ईंधन की कीमतों में कमी बताई गई है. फरवरी में खुदरा महंगाई दर 4.4 फीसदी रही, जबकि उससे पहले जनवरी में 5 फीसदी दर्ज की गई थी.Also Read - Vegetables, Milk To Fuel: भारत में मध्यम वर्ग पर किस तरह पड़ रही है महंगाई की मार, घटती जा रही है क्रय शक्ति

क्रमिक आधार पर डब्ल्यूपीआई में 22.62 फीसदी की भार वाली प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई में महीने में महज 0.79 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि जनवरी 2018 में इनकी महंगाई दर 2.37 फीसदी थी. Also Read - WPI Inflation: अक्टूबर में बढ़ी थोक महंगाई, पहुंची 12 प्रतिशत के पार

ईंधन और बिजली का भार डब्ल्यूपीआई में 13.15 फीसदी है और इसकी महंगाई पिछले महीने 3.81 फीसदी दर्ज की गई, जबकि जनवरी में 4.08 फीसदी थी. हालांकि, विनिर्माण उत्पादों पर खर्च जो जनवरी में 2.78 फीसदी था, वह फरवरी में बढ़कर 3.04 फीसदी हो गया. Also Read - Jan Jagran Abhiyan: महंगाई पर सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, 14 नवंबर से शुरू करेगी ‘जनजागरण अभियान’

पिछले महीने प्याज के दाम में 118.95 फीसदी और आलू के दाम में 11.67 फीसदी का इजाफा हुआ. कुल मिलाकर सब्जियों की कीमतों में फरवरी में 11.67 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया, जबकि जनवरी में 40.77 फीसदी का इजाफा हुआ था. पिछले महीने डीजल के दाम में 7.41 फीसदी और पेट्रोल में 2.52 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. ये जनवरी की तुलना में अधिक है.
एलपीजी की कीमतों में 8.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जोकि जनवरी की तुलना में कम है. (इनुपट- एजेंसी)