फ्रीलांसर हैं तो आपको भरना होगा कौन सा ITR फॉर्म? इन बातों का रखा ध्यान तो रिजेक्ट नहीं होगा क्लेम

फ्रीलांसर को अपनी इनकम, खर्च और टैक्स का हिसाब खुद रखना पड़ता है. ऐसा करना शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन अगर आप जरूरी बातों का ध्यान रखते हैं, तो ITR फाइल करना आपके लिए भी आसान हो सकता है.

Published date india.com Published: June 25, 2025 5:40 PM IST
फ्रीलांसर हैं तो आपको भरना होगा कौन सा ITR फॉर्म? इन बातों का रखा ध्यान तो रिजेक्ट नहीं होगा क्लेम
अगर आप फ्रीलांसर हैं, तो आपको अपने काम से हुई कमाई और खर्चों का रिकॉर्ड मेंटेन करना होगा.

डिजिटल दौर में फ्रीलांसिंग काफी पॉपुलर हो चुका है. इसमें काम के घंटे आप खुद तय करते हैं, अच्छी कमाई भी होती है. फ्लेक्सिबिलिटी भी मिल जाती है. आप खुद तय करते हैं कि कहां से काम करना है और किसके साथ काम करना है. जहां सैलरीड क्लास को कंपनी की तरफ से फॉर्म 16 और TDS डिटेल मिल जाता है, इससे ITR फाइल करना आसान हो जाता है. वहीं, फ्रीलांसर को अपनी इनकम, खर्च और टैक्स का हिसाब खुद रखना पड़ता है. ऐसा करना शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन अगर आप जरूरी बातों का ध्यान रखते हैं, तो ITR फाइल करना आपके लिए भी आसान हो सकता है.

सही फॉर्म चुनना जरूरी
अगर आप फ्रीलांसिंग का काम करते हैं, तो आपकी कमाई को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम मानता है. फ्रीलांसिंग से अगर आपकी इनकम 50 लाख रुपये से कम है, तो आपको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44ADA के तहत ITR-4 फॉर्म भरना होगा. तभी आप अपना क्लेम कर पाएंगे.

सेक्शन 44ADA की जानकारी
एक फ्रीलांसर के लिए सालभर में हुए बड़े खर्चों को मेंटेन करना मुश्किल भी हो सकता है. ऐसे में आप सेक्शन 44ADA के तहत इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं. सेक्शन 44ADA भारत में योग्य पेशेवरों और फ्रीलांसरों को कई अहम बेनिफिट देती है. इससे एक फ्रीलांसर को ITR भरने का प्रोसेस आसान बनाता है. अगर आपकी सालाना कमाई 20 लाख रुपये है और आप सेक्शन 44ADA चुनते हैं, तो आपकी नेट इनकम 10 लाख रुपये मानी जाएगी यानी 20 लाख का 50%. ऐसे में आपको टैक्स इस 10 लाख रुपये की इनकम पर देना होगा.

कमाई और खर्च का रिकॉर्ड मेंटेन करें
अगर आप फ्रीलांसर हैं, तो आपको अपने काम से हुई कमाई और खर्चों का रिकॉर्ड मेंटेन करना होगा. अगर किसी क्लाइंट ने पेमेंट से पहले TDS काटा है, तो उसका भी रिकॉर्ड रखें. अगर आप फ्रीलांसिंग के दौरान इंटरनेट बिल, ऐप्स सब्सक्रिप्शन, लैपटॉप, मोबाइल या कैमरा जैसी चीज़ों की खरीददारी, क्लाइंट मीटिंग्स और प्रोफेशनल ट्रैवल का खर्च करते हैं, तो आपको उनका रिकॉर्ड मेंटेन करना चाहिए. इससे आपको अपनी इनकम को ट्रैक करने में आसानी होगी. ITR भरते टाइम आपके सामने पूरा रिकॉर्ड रहेगा.

फॉर्म 26AS जरूर चेक करें
अगर आप किसी थर्ड पार्टी एजेंसी या प्लेटफॉर्म के लिए फ्रीलांसिंग करते हैं, तो अक्सर पेमेंट से पहले कंपनियां TDS काट लेती हैं.ऐसे में ITR भरने से पहले आपको फॉर्म 26AS जरूर देखना चाहिए. ये फॉर्म इनकम टैक्स ई फाइलिंग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है.अगर आप TDS सही से नहीं दिखाते हैं, तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा.

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