नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत को 1.5 अरब डालर का कर्ज मंजूर किया है. एडीबी के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में वित्तीय संसाधनों में मदद के लिये उसने भारत को ये लोन दिया है. एडीबी के अध्यक्ष मासात्सुगु असाकावा ने कहा कि इस अप्रत्याशित मुश्किल घड़ी में संगठन भारत सरकार को उसके कार्यों में समर्थन देने के लिये पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. Also Read - Corona New Varient: सर्दियों में कोरोना के नए वेरिएंट की हो सकती है एंट्री, ब्रिटेन में लग सकता है लॉकडाउन

उन्होंने कहा कि यह रिण भारत को इस महामारी में त्वरित जरूरतों में मदद के लिये है. बीमारी पर नियंत्रण पाने, उससे बचाव करने और साथ ही गरीबों और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को सामाजिक सुरक्षा देने के लिये यह रिण मंजूर किया गया है. Also Read - COVID 19 Cases In India: 1 दिन में 53 हजार से अधिक लोग हुए कोरोना संक्रमित, 1,422 लोगों की हुई मौत

असाकावा ने यहां जारी एक वक्तव्य में कहा, ‘‘त्वरित रूप से वितरित किये जाने वाला यह कोष एडीबी की तरफर से दिये जाने वाले एक बड़े पैकेज का हिस्सा है. एडीबी यह पैकेज सरकार और अन्य विकास भागीदारों के साथ नजदीकी समन्वय के साथ उपलब्ध करायेगा.’’ Also Read - International Yoga Day 2021 Live: योगमय देश-दुनिया, ऐसे मनाया जा रहा 7वां योग डे

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड- 19 के खिलाफ उठाये जा रहे कदमों में हम भारत की मदद करने के लिये प्रतिबद्ध हैं. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वह भारत के लोगों को प्रभावी ढंग से समर्थन उपलब्ध करायें, खासतौर से गरीब और वंचित तबके को मदद मिलनी चाहिये.’’

मनीला मुख्यालय वाली इस बहुपक्षीय एजेंसी ने कहा है कि कोविड-19 को लेकर उसके इस सक्रिय प्रतिक्रिया एवं व्यय समर्थन (केयर्स) कार्यक्रम के तहत गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों, किसानों, स्वास्थ्य देखभाल करने वालों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, शारीरिक रूप से अक्षम लोगों, निम्न आय वर्ग और निर्माण क्षेत्र के मजदूरों सहित 80 करोड़ से अधिक लोगों को सीधे स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच और देखभाल में सुधार लाने, साथ ही सामाजिक सुरक्षा को बेहतर करने के वास्ते सीधे योगदान किया गया है.