Atal Pension Yojana: 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निचले और गरीब तबके लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. उन्होंने किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदारों सहित समाज के हर वर्ग के लिए कोई न कोई योजना शुरू की. इसी में से एक अहम योजना है ‘अटल पेंशन योजना’. असंगठित क्षेत्र के मजूदरों के लिए शुरू की गई इस योजना के लाभार्थियों को सरकार ने 60 साल की उम्र के बाद एक से पांच हजार रुपये की पेंशन देने की बात कही है. असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला कोई भी व्यक्ति इस योजना में शामिल हो सकता है बशर्ते उसकी उम्र 18 से 40 साल के बीच हो. Also Read - अटल पेंशन योजना के अंशधारकों की संख्या 2.2 करोड़ के पार, इतने रुपये मासिक है पेंशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को यह योजना शुरू की थी. तीन दिन पहले यानी 9 मई 2020 को इस योजना को लॉन्च किए हुए पांच साल हो गए. इस दौरान 2.2 करोड़ से अधिक लोग इस योजना से जुड़ गए. सरकार की ओर से Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) इस योजना का संचालन करता है. आप PFRDA की आधिकारिक वेबसाइट pfrda.org.in पर जाकर विस्तृत जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके अलावे केंद्र सरकार की नेशनल पेंशन सिस्टम से जुड़े रिकॉर्ड रिकॉर्ड रखने वाली एजेंसी NSDL e-Governance Infrastructure Limited की वेबसाइट npscra.nsdl.co.in पर जाकर तमाम जानकारी हासिल की जा सकती है. यहां से आप Atal Pension Yojana की जानकारी हासिल करने से साथ एनरॉल करा चुके लोग की संख्या, APY से जुड़ने का फॉर्म, APY सर्विस प्रोवाइडर कार्नर भी ढूंढ सकते हैं.

योजना के लाभ…

Atal Pension Yojna (APY) का चयन करने वाले व्यक्ति को 60 साल की उम्र के बाद 1000, 2000, 3000, 4000 और 5000 रुपये की पेंशन मिलेगी. पेंशन की यह राशि इस स्कीम में व्यक्ति द्वारा किए गए अंशदान के आधार पर तय होगी. सब्सक्राइबर की मौत के बाद मासिक पेंशन की राशि उसके जीवन साथी को दी जाएगी. अगर सब्सक्राइबर के पति-पत्नी यानी दोनों की मौत हो जाती है तो उसके पेंशन फंड की राशि उसके द्वारा नामित व्यक्ति को दी जाएगी. अगर सब्सक्राइबर की मौत 60 साल की उम्र से पहले हो जाती है तो उसके जीवन साथी के पास यह विकल्प रहेगा कि वह इस योजना को आगे बढ़ाए और मूल सब्सक्राइबर की उम्र 60 साल होने तक जरूरी अंशदान का भुगतान करता रहे.

योजना में शामिल होने के लिए जरूरी शर्तें…

APY अपने सब्सक्राइबर को न्यूनतम पेंशन की गारंटी देता है. इसके लिए सब्सक्राइबर्स की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला इस उम्र का कोई भी व्यक्ति किसी बैंक शाखा या फिर पोस्ट ऑफिस के जरिए योजना से जुड़ सकता है. APY खाते से नोमिनी और जीवनसाथी को जोड़ना अनिवार्य होता है. सब्सक्राइबर मासिक या तीन महीने के आधार अंशदान कर सकता है. Atal Pension Yojana के लिए इनरॉल कराने के बाद साल में एक बार फिजिकल स्टेटमेंट सब्सक्राइबर के रजिस्टर्ड एड्रेस पर भेजा जाता है.

इतना मिलेगी पेंशन

अटल पेंशन योजना में उम्र के हिसाब से किए जाने वाले अंशदान के आधार पर पेंशन की राशि तय होती है. उदाहरण के लिए आपकी उम्र 25 साल है और आप इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो आपको एक हजार रुपये मासिक पेंशन के लिए 76 रुपये मासिक का अंशदान करना होगा. इसी तरह दो हजार रुपये की पेंशन के लिए 151 रुपये, तीन हजार की पेंशन के लिए 226, चार हजार की पेंशन के लिए 301 और 5 हजार की पेंशन के लिए 376 रुपये मासिक का अंशदान करना होगा.

सरकार इतने रुपये करती है अंशदान

केंद्र सरकार इस योजना के सब्सक्राइबर्स को न्यूनतम पेंशन की गारंटी देती है. साथ ही वह सब्सक्राइबर्स के अंशदान में अपना भी योगदान देती है. वह सब्सक्राइबर्स के अंशदान का 50 फीसदी या 1000 रुपये सालाना, इनमें से जो भी कम हो उतना का अंशदान करती है. सबसे अहम बात यह है कि अगर आपने इस योजना का चयन कर लिया है तो आप 60 साल की उम्र से पहले इससे बाहर नहीं निकल सकते. सब्सक्राइबर्स बेहद गंभीर रूप से बीमारी होने की स्थिति में ही इस योजना से बाहर निकल
सकते हैं.

ऐसे खोलें APY अकाउंट

अगर आपके पास किसी बैंक में खाता है तो एपीवाई को सब्सक्राइब करना बेहद आसान है. उन्हें केवल अपने ब्रांच जाना होगा और एपीवाई फॉर्म भरना होगा. इस फॉर्म में आपको बैंक अकाउंट नंबर, आधार नंबर और मोबाइल नंबर देना होगा. पहला अंशदान आपके खाते ही कट जाएगा. इसके बाद आगे भी मासिक या त्रैमासिक आधार पर राशि कटती रहेगी. पैसे कटने के एवज में बैंक आपको पावती नंबर जारी करेगा. अगर किसी बैंक में आपका खाता नहीं है तो पहले आपको खाता खुलवाना होगा. इसके साथ ही आपको एपीवाई रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा. इसके लिए आपको आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सब्मिट करना होगा.